क्यों जरूरी है यह बदलाव?
अक्सर अधूरी या गलत जानकारी के कारण जमीन संबंधी विवाद सामने आते हैं। कई मामलों में रजिस्ट्री के बाद कानूनी अड़चनें खड़ी हो जाती हैं, जिससे खरीदार और विक्रेता दोनों को परेशानी होती है। नई व्यवस्था के तहत पहले से पूरी जानकारी उपलब्ध होने पर भूमि अंतरण की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और पारदर्शी हो सकेगी।
ई-निबंधन पोर्टल पर मिलेगी सुविधा
यह सुविधा ई-निबंधन पोर्टल के माध्यम से दी जाएगी। आवेदक को पहले पोर्टल पर अपना अकाउंट बनाकर लॉगिन करना होगा। इसके बाद जमीन से संबंधित 13 महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज करनी अनिवार्य होंगी।
ये 13 जानकारियां होंगी अनिवार्य
1. निबंधन कार्यालय का नाम
2. अंचल
3. मौजा
4. थाना संख्या
5. खाता संख्या
6. खेसरा संख्या
7. रकबा (भूमि का क्षेत्रफल)
8. चौहद्दी
9. जमाबंदी संख्या
10. जमाबंदी धारक का नाम
11. क्रेता का नाम
12. विक्रेता का नाम
13. भूमि का प्रकार
इन सभी जानकारियों के आधार पर भूमि की स्थिति स्पष्ट की जाएगी, जिससे दाखिल-खारिज की प्रक्रिया भी सुगम होगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी, फर्जीवाड़ा कम होगा और आम लोगों को राहत मिलेगी। रैयतों को सलाह दी गई है कि वे नई व्यवस्था के तहत आवश्यक जानकारियां सही-सही दर्ज करें और किसी भी तरह की लापरवाही से बचें।

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