AMCA फाइटर जेट के दो वर्जन होंगे: Mk1 और Mk2
भारत का यह अत्याधुनिक लड़ाकू विमान कुल दो वर्जन में तैयार होगा। पहले AMCA Mk1 का निर्माण होगा, इसके बाद AMCA Mk2, जो और भी शक्तिशाली और एडवांस फाइटर होगा। एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) ने इसके फाइनल प्रोडक्शन और टेस्टिंग के लिए समयसीमा तय कर दी है।
साल 2031 तक तैयार होगा फाइनल टेस्ट यूनिट
ADA के अनुसार 2031 तक AMCA के फाइनल टेस्ट यूनिट तैयार हो जाएंगे। इसके पहले प्रोटोटाइप 2028 के अंत तक उड़ान भरेंगे। कुल पांच प्रोटोटाइप बनाए जाएंगे, जिनमें पहले तीन के माध्यम से एयरोडायनामिक परफॉर्मेंस और एवियोनिक्स टेस्ट किए जाएंगे। अंतिम दो प्रोटोटाइप हथियारों की क्षमता और फायरिंग टेस्ट के लिए तैयार किए जाएंगे, ताकि विमान पूरी तरह युद्धक तैयार हो।
AMCA Mk1 का फाइनल प्रोडक्शन 2034 तक
प्रोटोटाइप टेस्टिंग के बाद, AMCA Mk1 का फाइनल प्रोडक्शन 2034 तक शुरू होगा। यह स्टील्थ फाइटर जेट दुश्मन के रडार में बिना पकड़े उड़ान भर सकेगा और भारतीय वायुसेना की ताकत को कई गुना बढ़ा देगा। IAF के लिए पहले 40 Mk1 विमान तैयार किए जाएंगे।
AMCA Mk2 का प्रोडक्शन 2036 के बाद
AMCA Mk2 Mk1 की तुलना में अधिक उन्नत होगा। इसके 80 विमान भारतीय वायुसेना की ताकत में इजाफा करेंगे। Mk2 में 120 kN क्लास का इंजन लगेगा, जो ज्यादा थ्रस्ट और पेलोड क्षमता देगा। इसका निर्माण भारत और फ्रांस के साझेदारी में किया जाएगा।
AMCA Mk2 की ताकत और भविष्य
Mk1 में अमेरिका का F414 इंजन लगेगा, जिसकी थ्रस्ट क्षमता 98 kN है। Mk2 में नया 120 kN इंजन होने से यह विमान न केवल ज्यादा हथियार और उपकरण ले जा सकेगा, बल्कि दुश्मन पर आक्रामक कार्रवाई करने में और भी सक्षम होगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वैज्ञानिकों को 5-7 साल में यह इंजन तैयार करने का लक्ष्य दिया है।

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