इस पहल से बिहार की कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास, आरामदायक सुविधाएँ और मानसिक सुरक्षा मिलेगी। राज्य सरकार की यह योजना न केवल महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगी बल्कि उन्हें कार्यस्थल पर बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर भी प्रदान करेगी।
भविष्य में और विस्तार की योजना
बता दें की मुजफ्फरपुर और पटना के बाद, अब गयाजी, दरभंगा और भागलपुर में भी इसी तरह के छात्रावास खोलने की योजना है। इससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराया जा सकेगा।
छात्रावास की सुविधाएं
छात्रावास में रहने का खर्च पूरी तरह से निशुल्क है। भोजन के लिए मासिक शुल्क 3,000 रुपए निर्धारित किया गया है। छात्रावास में उपलब्ध सुविधाओं में शामिल हैं: बेड, लॉकर, टेबल-कुर्सी, 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी, निर्बाध बिजली और आरओ युक्त पेयजल, टेलीविजन और निशुल्क वाई-फाई उपलब्ध हैं। इसके संचालन के लिए अधीक्षक, सहायक अधीक्षक और रसोइया सहित आवश्यक कर्मियों की नियुक्ति की गई हैं।
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के समय निम्नलिखित दस्तावेज अनिवार्य हैं। कार्यरत होने का प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र और वेतन पर्ची, स्थानीय अभिभावक का विवरण, दिव्यांगता होने की स्थिति में संबंधित प्रमाण पत्र आदि।
आवेदन प्रक्रिया
इच्छुक महिलाएं महिला एवं बाल विकास निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवंटन “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर किया जाएगा। अंतिम चयन के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। आवेदिका की अधिकतम मासिक आय सीमा 75,000 रुपए निर्धारित की गई है।

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