योजना और निर्माण का असर
एनएचएआइ ने इस मार्ग को जाम-मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत मुख्य चौराहों पर नए फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए जाएंगे। नवाबगंज तिराहा और दही चौकी पर फ्लाईओवर बनेंगे, जबकि त्रिभुवन खेड़ा पर अंडरपास तैयार होगा। इसके अलावा, फुटओवर ब्रिज और सर्विस लेन भी बनाई जाएगी। सभी काम को एक साल के अंदर पूरा करना लक्ष्य है।
पर्यावरण और सुरक्षा का ध्यान
निर्माण कार्य के दौरान वन विभाग की जमीन पर लगे पेड़ शिफ्ट किए जाएंगे और कुछ पेड़ काटने की जरूरत होगी। इसके बदले परियोजना प्राधिकरण पौधरोपण करेगा और निर्माण के बाद पांच साल तक इनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित करेगा।
आधुनिक सुविधाएं
सड़क पर बेहतर ड्रेनेज और लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। अंडरपास में रोशनी लगातार बनी रहेगी और बारिश का पानी तुरंत बाहर निकल सकेगा। इससे यात्रियों को दिन-रात निर्बाध और सुरक्षित सफर का अनुभव मिलेगा। इस सुधार के बाद लखनऊ-कानपुर हाईवे तेज़, सुविधाजनक और ट्रैफिक से मुक्त बन जाएगा, जिससे रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ा आराम मिलेगा।
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