अभियान की रूपरेखा
इस पहल के तहत एनीमिया मुक्त कक्षा, एनीमिया मुक्त विद्यालय और एनीमिया मुक्त पंचायत की योजना तैयार की गई है। जिला प्रशासन की मदद से टीमों को स्कूलों में भेजा जाएगा, जहाँ वे बच्चों और शिक्षकों के साथ जागरूकता सत्र चलाएंगी। टीमें यह सुनिश्चित करेंगी कि हर छात्र और छात्रा की एनीमिया जांच हो, आवश्यक उपचार मिले और नियमित फॉलो-अप हो।
डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली
प्रदेश में एक समग्र डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली भी विकसित की जाएगी। इसके जरिए सभी आयु वर्ग के लाभार्थियों की एनीमिया जांच, उपचार और फॉलो-अप की सटीक जानकारी एकत्रित की जाएगी। यह प्रणाली समयबद्ध ट्रैकिंग को सक्षम बनाएगी और अभियान की प्रभावशीलता बढ़ाएगी।
जागरूकता और भागीदारी
सोशल मीडिया पर भी अभियान को बढ़ावा दिया जाएगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारी इस पहल में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। राज्य स्तरीय टास्क फोर्स ने निर्णय लिया है कि समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
स्कूलों पर विशेष फोकस
अभियान का मुख्य केंद्र स्कूलों में एनीमिया की समस्या को समाप्त करना है। बच्चों और किशोरियों की शैक्षणिक क्षमता बढ़ाने और उनकी कार्यक्षमता सुधारने के लिए स्कूलों में नियमित जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस पहल के जरिए बच्चों की सेहत और पढ़ाई दोनों में सुधार लाने का लक्ष्य रखा गया है।
चरणबद्ध तरीके से कार्यान्वयन
अभियान को चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। अलग-अलग विभागों की टीमों को विभिन्न जिलों और स्कूलों में तैनात किया जाएगा। हर टीम का मकसद होगा कि जागरूकता और उपचार दोनों पक्षों पर काम किया जाए।
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