बजट और मॉडल स्कूल
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बजट पेश करते हुए बताया कि इस वित्तीय वर्ष के लिए शिक्षा विभाग का कुल बजट 60,204.60 करोड़ रुपये रखा गया है। हर प्रखंड में एक मॉडल स्कूल की स्थापना का प्रस्ताव है, जिसके लिए 800 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, एक नए एजुकेशन सिटी का निर्माण किया जाएगा और पुराने प्रतिष्ठित स्कूलों को सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
शिक्षक बहाली और प्रशिक्षण
शिक्षा विभाग ने घोषणा की कि 52,000 शिक्षकों की बहाली की जाएगी। इसमें से 45,000 शिक्षक सामान्य स्कूलों के लिए और 7,000 शिक्षक दिव्यांग बच्चों के लिए नियुक्त किए जाएंगे। साथ ही, अगले एक साल में 6 लाख शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बढ़े।
स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर और पाठ्य सामग्री
सरकार ने स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी ध्यान केंद्रित किया है। नई स्कूल बिल्डिंग बनाने के लिए 210 करोड़ रुपये और मौजूदा स्कूलों की मरम्मत के लिए 194 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके साथ ही, इस वित्तीय वर्ष में पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों को 12.50 करोड़ किताबें और डायरी वितरित की जाएंगी।
बिहार के शिक्षा क्षेत्र में बदलाव का असर
इन पहलों का सीधा लाभ छात्रों, शिक्षकों और ग्रामीण समुदायों को मिलेगा। नए मॉडल स्कूल और सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी, और शिक्षकों के प्रशिक्षण से पढ़ाई का स्तर सुधरेगा। दिव्यांग बच्चों के लिए नियुक्ति और संसाधनों का प्रावधान सुनिश्चित करेगा कि हर बच्चे को शिक्षा तक समान पहुंच मिले।
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