भारत में वेतन आयोग: जानें कब-कब हुई कर्मचारी की बल्ले-बल्ले

नई दिल्ली। भारत में केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी और भत्तों में बदलाव के लिए वेतन आयोग (Central Pay Commission, CPC) की सिफारिशें समय-समय पर लागू की जाती रही हैं। आमतौर पर ये आयोग लगभग हर 10 साल में एक बार गठित किए जाते हैं और इनके निर्णय लाखों सरकारी कर्मचारियों की जेब पर सीधा असर डालते हैं। अब तक भारत में कुल सात केंद्रीय वेतन आयोग अपनी सिफारिशें लागू कर चुके हैं।

1. पहला वेतन आयोग (1st CPC)

गठित: जनवरी 1946

लागू: 1946

पहला वेतन आयोग स्वतंत्र भारत में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी को व्यवस्थित करने के लिए आया।

2. दूसरा वेतन आयोग (2nd CPC)

गठित: अगस्त 1957

लागू: 1 जनवरी 1959

इस आयोग ने कर्मचारियों के वेतनमान में सुधार और नई भत्तों की सिफारिशें की।

3. तीसरा वेतन आयोग (3rd CPC)

गठित: अप्रैल 1970

लागू: 1 जनवरी 1973

तीसरे आयोग ने वेतन संरचना को और अधिक आधुनिक और कर्मचारी हितैषी बनाने का प्रयास किया।

4. चौथा वेतन आयोग (4th CPC)

गठित: जून 1983

लागू: 1 जनवरी 1986

इस आयोग ने वेतन वृद्धि के साथ पेंशन और भत्तों में भी सुधार की सिफारिश की।

5. पांचवां वेतन आयोग (5th CPC)

गठित: अप्रैल 1994

लागू: 1 जनवरी 1996

यह आयोग सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़े पैमाने पर वेतन बढ़ोतरी और भत्तों में सुधार लेकर आया।

6. छठा वेतन आयोग (6th CPC)

गठित: अक्टूबर 2006

लागू: 1 जनवरी 2006 (बैकडेट से)

छठे आयोग ने कई वर्गों के वेतनमान में संतुलन स्थापित किया और पेंशन प्रणाली में बदलाव की सिफारिश की।

7. सातवां वेतन आयोग (7th CPC)

गठित: फरवरी 2014

लागू: 1 जनवरी 2016

इस आयोग की सिफारिशें पूरे देश में सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू हुईं और इसमें वेतन में महत्वपूर्ण वृद्धि की गई।

आठवां वेतन आयोग

सरकार ने 28 अक्टूबर 2025 को 8वें वेतन आयोग की अधिसूचना जारी कर दी है और इसकी रिपोर्ट आने में 18 महीने का समय दिया गया हैं। इसके सुझाव 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है। इसका असर लाखों केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी और भत्तों पर देखने को मिलेगा।

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