यूपी में दोपहिया, चारपहिया वाहनों के लिए नया फरमान, सभी जान लें!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वाहनों की प्रदूषण जांच के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब सभी दोपहिया और चारपहिया वाहनों की प्रदूषण जांच कराने के लिए वाहन मालिक का वही पंजीकृत मोबाइल नंबर अनिवार्य होगा, जो वाहन खरीदते समय रजिस्टर कराया गया था। इसके तहत जांच के समय OTP (वन टाइम पासवर्ड) उसी नंबर पर भेजा जाएगा।

यदि वाहन मालिक ने मोबाइल नंबर बदल लिया है या खो गया है, तो उसे पहले नया नंबर अपडेट कराना होगा। बिना प्रदूषण जांच कराए वाहन चलाने पर ₹10,000 का जुर्माना लगेगा। यूपी में अब तक करीब 4.8 करोड़ वाहन पंजीकृत हैं।

नया नियम क्यों लाया गया?

पहले वाहन मालिक जांच कराने के लिए किसी भी मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर सकता था, जिससे कई बार गलत या अनजान नंबर पर OTP जाता था। अब ऐसा नहीं होगा। पंजीकृत मोबाइल नंबर पर OTP आने से न केवल जांच की प्रक्रिया पारदर्शी होगी, बल्कि वाहन मालिक को समय पर जांच और चालान की जानकारी भी मिल सकेगी।

वाहनों की जांच अवधि

बीएस-6 वाहन (2020 और इसके बाद) – एक साल तक जांच मान्य

बीएस-4 वाहन (2014–2020) – एक साल तक जांच मान्य

बीएस-3 वाहन (2014 से पहले) – छह माह तक जांच मान्य

प्रदूषण जांच शुल्क

दोपहिया पेट्रोल वाहन के लिए ₹70, चारपहिया पेट्रोल/सीएनजी वाहन के लिए ₹90 और डीजल वाहन के लिए शुल्क ₹120 निर्धारित हैं।

मोबाइल नंबर अपडेट करने का तरीका

1 .वेबसाइट पर जाएँ: parivahan.gov.in

2 .“Online Services” में “Vehicle Related Services” को चुने।

3 .अपना राज्य और RTO चयन करें और “Update Mobile Number” या “Miscellaneous” विकल्प चुनें

4 .वाहन का नंबर, चेसिस नंबर और इंजन नंबर के अंतिम 5 अंक दर्ज करें और पुराने नंबर के लिए आधार OTP का उपयोग करें

5 .नया नंबर दर्ज कर सबमिट करें, इसके बाद आपने नया मोबाइल नंबर अपडेट कर दिया जायेगा, फिर आप आसानी से प्रदूषण जांच करा सकेंगे।

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