एसआईआर प्रक्रिया में रुकावट
मंत्री ने बताया कि फिलहाल शिक्षामित्रों को एसआईआर प्रक्रिया में लगे होने के कारण मुक्त नहीं किया जा रहा है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, उनकी रिलीविंग और गृह जिले में तैनाती की कार्रवाई तुरंत शुरू कर दी जाएगी।
मानदेय को लेकर क्या?
संदीप सिंह ने कहा कि 2017 में शिक्षामित्रों का मानदेय 3,500 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया है। इसके अलावा, शिक्षकों और शिक्षामित्रों के लिए कैशलेस इलाज का आदेश भी जारी किया जा चुका है। मंत्री ने आश्वस्त किया कि भविष्य में स्थिति के अनुसार और सुधार किया जाएगा।
शिक्षामित्रों की समस्या
विधायक ओम प्रकाश ने बताया कि वर्तमान में एक ही विद्यालय में अध्यापकों को 80,000 से 1,00,000 रुपये वेतन दिया जा रहा है, जबकि शिक्षामित्रों को मात्र 10,000 रुपये मिल रहे हैं। यूपी में शिक्षामित्रों की संख्या 1,37,500 है, जिनमें से कई गृह जिले से दूर तैनात हैं। इसके अलावा, 37,000 टीईटी पास शिक्षामित्र अभी भी शिक्षक भर्ती में शामिल नहीं किए गए हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
समाधान की दिशा में कदम
मंत्री ने कहा कि शिक्षामित्रों को जल्द ही उनके गृह जिले की ग्राम पंचायतों में तैनात कर दिया जाएगा। एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी रिलीविंग शुरू होगी और उनके हित में आगे और कदम उठाए जाएंगे। यूपी सरकार ने शिक्षामित्रों की तैनाती और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर ठोस कदम उठाए हैं।

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