गांव में ही मिलेगी पढ़ाई की बेहतर सुविधा
सरकार की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी छात्र-छात्राओं को बेहतर संसाधन उनके अपने गांव में ही उपलब्ध कराए जाएं। अक्सर देखा गया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को शहर जाना पड़ता है, जहां किराया, कोचिंग और अन्य खर्चों का बोझ उठाना कठिन हो जाता है। कई छात्र आर्थिक कारणों से बीच में ही तैयारी छोड़ देते हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए पंचायत स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की पहल की गई है।
लखनऊ समेत पूरे मंडल में बड़ी तैयारी
निर्देशों के अनुसार, राजधानी लखनऊ में 113 डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जानी हैं। वहीं पूरे मंडल में एक हजार से अधिक लाइब्रेरी शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। शासन ने मार्च तक इन लाइब्रेरी को चालू करने के निर्देश दिए हैं। ताकि ग्रामीण युवाओं को इसका लाभ मिल सके।
क्या होंगी सुविधाएं?
इन डिजिटल लाइब्रेरी में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जैसे फ्री वाई-फाई कनेक्टिविटी, एलईडी स्क्रीन, सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर सिस्टम, प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी उपयोगी किताबें। इससे छात्रों को शांत और सुरक्षित माहौल में पढ़ाई का अवसर मिलेगा।
देरी पर सख्ती
हालांकि शुरुआत में कई जिलों में टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने के कारण काम तय समयसीमा तक शुरू नहीं हो सका। इस पर शासन ने नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की। हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त विजय विश्वास ने भी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि तय समय के भीतर लाइब्रेरी शुरू की जाएं। इसके बाद प्रशासन ने काम में तेजी लानी शुरू कर दी है।

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