परियोजना की अहमियत
प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे न सिर्फ इटावा जिले, बल्कि आसपास के जिलों में यातायात को सुगम और तेज़ बनाएगा। इसके निर्माण से औद्योगिक, व्यापारिक और सामाजिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह परियोजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया
परियोजना के तहत कुदरैल मौजा की करीब 35 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया किसानों की सहमति से ही होगी। तहसील परिसर में बैनामा की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जा रही है ताकि किसानों को भरोसा मिले और कोई विवाद या असंतोष न उत्पन्न हो।
मुआवजा और पारदर्शिता
तहसीलदार जावेद अंसारी ने बताया कि जिन किसानों का बैनामा होगा, उन्हें मुआवजा सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा। इससे भुगतान में पारदर्शिता बनी रहेगी और किसानों को समय पर आर्थिक लाभ मिलेगा। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि दस्तावेजी प्रक्रिया से लेकर भुगतान तक हर स्तर पर किसानों को पूर्ण सहयोग और सुविधा दी जाए।
विकास के नए रास्ते खुलेंगे
इस लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से क्षेत्र में यातायात, उद्योग, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यह परियोजना इटावा और आसपास के जिलों के लिए खुशखबरी साबित होगी, क्योंकि यह स्थानीय किसानों, व्यापारियों और आम जनता के लिए सुविधा और आर्थिक लाभ दोनों लेकर आएगी।

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