मत्स्य पालन को मिलेगा नया आधार
मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार ने 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के इंटीग्रेटेड विकास की घोषणा की है। इस पहल के तहत जल संसाधनों के बेहतर उपयोग, मछली उत्पादन बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन पर जोर दिया जाएगा। इससे मछुआरों की आय बढ़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए विकल्प तैयार होने की उम्मीद है।
पशुपालन में उद्यमिता को बढ़ावा
बजट में पशुपालन क्षेत्र को रोजगार का बड़ा स्रोत मानते हुए एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट पर जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि डेयरी, पोल्ट्री और पशु स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े व्यवसायों को बढ़ावा देकर युवाओं और वेटेरिनरी प्रोफेशनल्स के लिए बेहतर नौकरी और स्वरोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
नारियल किसानों को मिलेगी मजबूती
वित्त मंत्री ने नारियल प्रमोशन स्कीम की घोषणा करते हुए बताया कि इसका उद्देश्य उत्पादन और उत्पादकता दोनों को बढ़ाना है। इस योजना से करीब 1 करोड़ किसानों सहित 3 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभ मिलने की संभावना है। इससे नारियल आधारित उद्योगों को भी गति मिलेगी।
काजू, कोको और चंदन को वैश्विक पहचान
सरकार ने 2030 तक भारतीय काजू और कोको को प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए राज्य सरकारों के साथ साझेदारी की जाएगी। इसके अलावा, भारतीय चंदन इकोसिस्टम को पुनर्जीवित करने के लिए भी ठोस कदम उठाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे किसानों को उच्च मूल्य वाली फसलों से बेहतर आमदनी मिल सके।
ग्रामीण महिलाओं के लिए SHE-मार्ट
ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए बजट में SHE-मार्ट की घोषणा की गई है। यह पहल लखपति दीदी कार्यक्रम की सफलता को आगे बढ़ाते हुए महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से आगे बढ़ाकर उद्यमों की मालिक बनने में मदद करेगी। SHE-मार्ट के जरिए महिलाओं को बाजार, क्रेडिट और नेटवर्किंग की सुविधा मिलेगी।
खेती में AI की एंट्री
कृषि क्षेत्र में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देते हुए वित्त मंत्री ने मल्टीलिंगुअल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल का प्रस्ताव रखा। यह टूल किसानों को फसल की योजना बनाने, जोखिम कम करने और स्थानीय जरूरतों के अनुसार सलाह देने में मदद करेगा। इससे किसानों को बेहतर निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।
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