इस विकास से बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती जिले सीधे लाभांवित होंगे। इसके अलावा, कतर्निया घाट, दुधवा और सोहेलवा जैसे प्रमुख वन पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी आसान हो जाएगी। परियोजना में लगभग 153 किमी लंबा मार्ग आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
बाराबंकी से बहराइच होते हुए रुपईडीहा (नेपाल सीमा) तक जाने वाला यह मार्ग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। वर्तमान में यह मार्ग 24 घंटे में औसतन 20,000 वाहनों को संभालता है। फोर लेन से सिक्स लेन में अपग्रेड होने के बाद सड़क दुर्घटनाओं पर भी बेहतर नियंत्रण संभव होगा।
सरयू पर नया पुल
नेपाल मार्ग पर स्थित संजय सेतु जर्जर हो चुका है और यातायात के दबाव के कारण सुरक्षा को खतरा है। नई परियोजना में सरयू नदी पर दूसरा पुल बनाया जाएगा। इसके अलावा, सरयू, कल्याणी और शारदा सहायक नहरों पर कुल आठ नए पुल और सेतु निर्माण का प्रस्ताव है।
परियोजना की प्रक्रिया
एनएचएआइ ने इस मार्ग का सर्वेक्षण चार चरणों में पूरा कर लिया है और सड़क के दोनों ओर छह लेन के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू हो चुका है। बाराबंकी से बहराइच तक का लगभग 99 किमी और बहराइच से नेपाल सीमा तक का 54 किमी हिस्सा पहले ही फोर लेन बनने के लिए अनुमोदित है। परियोजना के पूरा होने के बाद तराई क्षेत्र का सफर न केवल सुरक्षित और तेज होगा, बल्कि क्षेत्र का पर्यटन और व्यापार भी तेजी से बढ़ेगा।

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