भारत की 'रुद्रम' मिसाइल: चीन-पाक को क्यों है डर?

नई दिल्ली: भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। रुद्रम मिसाइल, जिसे दुनिया की सबसे घातक एंटी रेडिएशन मिसाइल माना जाता है, अब भारतीय सेना की ताकत का अहम हिस्सा बन चुकी है। यह मिसाइल न केवल दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक और रेडिएशन आधारित सिस्टम को नष्ट करने में सक्षम है, बल्कि इसकी सटीकता और हाई-टेक क्षमता इसे सामरिक मोर्चे पर बेहद खतरनाक बनाती है।

रुद्रम मिसाइल क्या है?

रुद्रम मिसाइल मुख्य रूप से एंटी रेडिएशन हथियार है, जिसका उद्देश्य दुश्मन के राडार, कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक गाइडेड सिस्टम को निशाना बनाना है। मिसाइल अत्याधुनिक सेंसर और हाई-प्रिसिजन तकनीक से लैस है, जो रेडिएशन स्रोत को तुरंत पहचानकर उसे ध्वस्त कर देती है।

क्यों डरते हैं चीन और पाकिस्तान?

1 .इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को लक्ष्य बनाने की क्षमता – चीन और पाकिस्तान की अधिकांश मिसाइल और राडार प्रणाली रुद्रम के निशाने पर सीधे आती हैं।

2 .सटीकता और रेंज – रुद्रम मिसाइल भारत की स्वदेशी एंटी-रेडिएशन (विकिरण-रोधी) मिसाइल श्रृंखला है। इसके विभिन्न संस्करणों की रेंज अलग-अलग है। इसकी रेंज 100 से 350 किमी तक बताई जाती हैं।

3 .स्ट्रैटेजिक दबदबा – रुद्रम मिसाइल के आने से भारत की एंटी-एयर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमता मजबूत हुई है।

सामरिक महत्व

दरअसल रुद्रम मिसाइल भारत को डिफेंस टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर और मजबूत बनाती है। यह मिसाइल सीमा पर इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के मोर्चे पर भारत की ताकत को बढ़ाती है और दुश्मन के रणनीतिक फैसलों पर सीधा प्रभाव डालती है।

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