वित्तीय स्थिति और अनुदान
मंत्री ने सदन में कहा कि माध्यमिक विद्यालयों को वर्तमान में 394 करोड़ रुपये का अनुदान जारी किया गया है, जबकि कालेजों को 245 करोड़ रुपये दिए गए हैं। बिहार में ऐसे हजारों वित्तरहित संस्थान हैं, जो शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन के लिए सरकार के अनुदान पर निर्भर हैं।
समिति की बैठक जल्द ही
शिक्षकों के प्रतिनिधियों ने बैठक के शीघ्र होने की मांग की थी। मंत्री सुनील कुमार ने आश्वस्त किया कि समिति की बैठक जैसे ही संभव होगा आयोजित की जाएगी और इसके सुझावों के आधार पर वेतनमान को अंतिम रूप दिया जाएगा।
तीन महीने का बकाया वेतन एक साथ मिलेगा
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि वेतनमान तय होते ही तीन महीने का बकाया वेतन एक ही बार में कर्मचारियों को दिया जाएगा। यह उन लगभग छह हजार अनुंकपा शिक्षकों के लिए भी राहत का कारण बनेगा, जिन्हें लंबे समय से वेतन नहीं मिल पा रहा था।
अराजकीय मदरसा और संस्कृत विद्यालय भी शामिल
राजकीय और प्रोजेक्ट स्कूलों की तरह ही अराजकीय मदरसों और संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की वेतन संरचना पर भी समिति काम कर रही है। संबंधित फाइलें वित्त विभाग से प्राप्त कर समिति के पास भेजी जा चुकी हैं, जिससे प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके।
.png)
0 comments:
Post a Comment