बजट भाषण के दौरान यह भी बताया गया कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय लगभग 1,20,000 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। इसके साथ ही सरकार ने महिला एवं बाल विकास से जुड़ी कई योजनाओं को मजबूती देने की बात कही।
सामूहिक विवाह योजना में बड़ी बढ़ोतरी
सबसे महत्वपूर्ण घोषणा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को लेकर की गई। अब इस योजना के तहत विवाह करने वाली बेटियों को मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि 51,000 रुपये से बढ़ाकर 1.01 लाख रुपये कर दी गई है। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देने का प्रयास है। इस योजना के लिए सरकार ने 750 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को लाभ मिल सके।
अलग-अलग वर्गों के लिए विशेष प्रावधान
सिर्फ सामूहिक विवाह योजना ही नहीं, बल्कि विभिन्न वर्गों के लिए अलग से बजट प्रावधान भी किए गए हैं। अनुसूचित जाति के निर्धन परिवारों की बेटियों की शादी अनुदान योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव। सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था। इन प्रावधानों से स्पष्ट है कि सरकार सामाजिक संतुलन और समान अवसर देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस
वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकाल में कानून व्यवस्था, आधारभूत संरचना, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन, कौशल विकास और किसानों की आय बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इसी क्रम में महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। सामूहिक विवाह योजना में सहायता राशि बढ़ाना न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि यह बेटियों के सम्मान और सुरक्षा की दिशा में भी एक सकारात्मक संदेश है।
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