भारत को क्यों मान रहा है अमेरिका अहम?
अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री पॉल कपूर ने हाउस की विदेश मामलों की समिति की सुनवाई के दौरान कहा कि एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत अमेरिका के दीर्घकालिक रणनीतिक हितों के अनुरूप है। उनके अनुसार, यदि भारत स्वतंत्र रूप से विकास करता है और अपनी सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करता है, तो यह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती ताकत को संतुलित कर सकता है। अमेरिका की यह सोच ‘फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक’ की रणनीति से जुड़ी है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में किसी एक देश का वर्चस्व रोकना है। वॉशिंगटन मानता है कि भारत, अपनी भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, सैन्य क्षमता और आर्थिक संभावनाओं के कारण, इस संतुलन में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
बेल्ट एंड रोड पर अप्रत्यक्ष संदेश
चीन की बेल्ट एंड रोड पहल (BRI) को लेकर भी अमेरिकी अधिकारी ने टिप्पणी की। उनका कहना था कि भारत का आर्थिक विस्तार और स्वतंत्र सैन्य विकास, चीन के प्रभाव क्षेत्र को सीमित करने में सहायक हो सकता है। अमेरिका लंबे समय से बीआरआई को कर्ज और रणनीतिक निर्भरता का साधन बताता रहा है, जबकि भारत स्वयं इस पहल से दूरी बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका भारत को एक ऐसे क्षेत्रीय शक्ति के रूप में देखता है जो एशिया में वैकल्पिक विकास मॉडल पेश कर सकता है।
ऊर्जा नीति और रूस का मुद्दा
सुनवाई के दौरान रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। अमेरिकी अधिकारी ने संकेत दिया कि भारत अपनी ऊर्जा खरीद में विविधता ला रहा है और रूसी तेल पर निर्भरता कम कर रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत द्वारा अमेरिकी ऊर्जा आयात बढ़ाने की संभावना है। हालांकि भारत की ऊर्जा नीति पर अंतिम निर्णय नई दिल्ली के राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर ही होता है। भारत ने अब तक स्पष्ट किया है कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा और कीमतों को प्राथमिकता देगा।
बदलता भू-राजनीतिक परिदृश्य
अमेरिका का यह बयान ऐसे समय में आया है जब चीन दक्षिण चीन सागर से लेकर ताइवान और हिंद महासागर तक अपनी सक्रियता बढ़ा रहा है। वहीं, भारत भी अपनी रक्षा क्षमताओं के आधुनिकीकरण और क्षेत्रीय साझेदारियों को मजबूत करने में जुटा है। क्वाड जैसे मंचों के माध्यम से अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग बढ़ रहा है, जिसे चीन संदेह की नजर से देखता है। अमेरिका की नजर में भारत केवल एक क्षेत्रीय शक्ति नहीं, बल्कि वैश्विक संतुलन में महत्वपूर्ण भागीदार है।

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