भारत का बड़ा कदम, पाकिस्तान की उड़ी नींद, तुर्की सन्न!

नई दिल्ली। भारत ने ग्रीस के साथ अपने रक्षा और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 9 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में भारत और ग्रीस के रक्षा मंत्रियों, राजनाथ सिंह और निकोलाओस-जॉर्जियोस डेंडियास, ने ज्वाइंट डिक्लेरेशन ऑफ़ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत दोनों देशों ने आने वाले पांच वर्षों के लिए रक्षा सहयोग का रोडमैप तैयार किया है।

सहयोग का दायरा

इस नए समझौते में रक्षा उद्योग, सैन्य अभ्यास, तकनीकी सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को शामिल किया गया है। दोनों देशों ने अपने-अपने स्वदेशी रक्षा उद्योग को मजबूत करने और नई तकनीकियों को साझा करने पर जोर दिया है। भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल और ग्रीस की ‘एजेंडा 2030’ रक्षा सुधार योजना को जोड़कर दोनों देशों ने औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने की रणनीति बनाई है।

सैन्य और समुद्री सहयोग

सहयोग का एक अहम हिस्सा द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास और प्रशिक्षण है। 2026 के लिए दोनों देशों की सेनाओं के बीच गतिविधियों की रूपरेखा तय की गई है। इसके अलावा, समुद्री सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है। ग्रीस ने घोषणा की कि वह गुरुग्राम स्थित इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर–इंडियन ओशन रीजन में अपना अंतरराष्ट्रीय संपर्क अधिकारी नियुक्त करेगा, ताकि समुद्री क्षेत्र में जागरूकता और सुरक्षा बढ़ाई जा सके।

रणनीतिक और भू-राजनीतिक प्रभाव

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम तुर्की और पाकिस्तान के लिए स्पष्ट संकेत है। तुर्की ने हाल ही में भारत-पाकिस्तान के संघर्षों में पाकिस्तान का समर्थन किया था, जिसके जवाब में भारत ने ग्रीस के साथ अपने रक्षा संबंधों को और मजबूत किया है। यह समझौता विशेष रूप से पूर्वी भूमध्यसागर और दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है।

औद्योगिक और स्टार्ट-अप सहयोग

ग्रीक प्रतिनिधिमंडल ने भारत के रक्षा उद्योग और डिफेंस पीएसयू के साथ बैठक कर स्टार्ट-अप और तकनीकी नवाचार पर चर्चा की। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह पहल दोनों देशों के लंबे समय से चल रहे मजबूत और मित्रतापूर्ण संबंधों को और सुदृढ़ करेगी।

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