प्रेम में हो जाता है दिमाग फेल, ये 5 हार्मोन्स हैं जिम्मेदार!

न्यूज डेस्क। प्रेम में अक्सर लोग कहते हैं कि “प्यार पागल बना देता है।” लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह केवल रोमांस की भावना नहीं, बल्कि मस्तिष्क में हार्मोन्स के असर का परिणाम है? वैज्ञानिकों के अनुसार, प्यार में दीवानगी या जुनून की स्थिति मुख्य रूप से पांच खास हार्मोन्स के असंतुलन और उच्च स्तर के कारण होती है। ये रसायन मस्तिष्क के रिवॉर्ड सिस्टम को सक्रिय करते हैं और साथी के प्रति आकर्षण और जुनून बढ़ा देते हैं।

1. डोपामाइन

डोपामाइन को “फील-गुड” हार्मोन कहा जाता है। जब कोई व्यक्ति नए प्रेम में पड़ता है, तो मस्तिष्क में इसकी मात्रा तेजी से बढ़ती है। इसका असर ऐसा होता है कि व्यक्ति साथी के लिए लगातार उत्साहित और आकर्षित महसूस करता है। इसे नशे की तरह माना जा सकता है, क्योंकि प्रेमी व्यक्ति बिना साथी के अधूरापन महसूस करता है।

2. ऑक्सीटोसिन

ऑक्सीटोसिन को “हगिंग हार्मोन” भी कहा जाता है। यह हार्मोन अंतरंगता, विश्वास और नजदीकी को बढ़ाता है। जब आप अपने साथी को गले लगाते हैं या उसके साथ समय बिताते हैं, तो ऑक्सीटोसिन बढ़ता है और भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होता है।

3. कोर्टिसोल

प्रेम में शुरुआती चरण में कोर्टिसोल का स्तर भी बढ़ता है। इसे तनाव हार्मोन कहा जाता है। इसका असर दिल की धड़कन तेज होना, पेट में तितलियों का होना और बेचैनी जैसी अनुभूतियों के रूप में दिखाई देता है। यह हार्मोन प्रेम के रोमांच और उत्साह को और तीव्र बनाता है।

4. सेरोटोनिन

प्यार में सेरोटोनिन का स्तर कम हो जाता है। यह कमी प्रेमी व्यक्ति को हर समय अपने साथी के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करती है और obsessive-compulsive व्यवहार को जन्म देती है। यही कारण है कि प्रेम में लोग अक्सर साथी की हर छोटी चीज़ पर ध्यान देने लगते हैं।

5. नॉरपेनेफ्रिन

नॉरपेनेफ्रिन हार्मोन शरीर में उत्तेजना और ऊर्जा बढ़ाता है। इसके बढ़ने से नींद कम आती है, दिल की धड़कन तेज होती है और मानसिक ऊर्जा उच्च रहती है। यही हार्मोन प्रेम में रोमांच और जुनून का एहसास दिलाता है।

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