मेष राशि:
मेष राशि के स्वामी मंगल हैं, इसलिए यह गोचर आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा। कुंभ राशि में बन रही यह युति आपके लाभ भाव को सक्रिय करेगी। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापारियों को नए अनुबंध और नेटवर्किंग से लाभ मिलने की संभावना है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं। सामाजिक दायरा बढ़ेगा और प्रभावशाली लोगों से संपर्क स्थापित होगा। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं।
सिंह राशि:
सिंह राशि के लिए सूर्य स्वामी ग्रह हैं और यह युति आपके सप्तम भाव में प्रभाव डालेगी। दांपत्य जीवन में चल रही गलतफहमियां दूर हो सकती हैं। बिजनेस पार्टनरशिप में विस्तार और आर्थिक लाभ के संकेत हैं। जो लोग प्रशासनिक या सरकारी क्षेत्र से जुड़े हैं, उन्हें सफलता मिल सकती है। हालांकि स्वभाव में आक्रामकता बढ़ सकती है, इसलिए संयम रखना आवश्यक होगा। सही निर्णय लेने से दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है।
वृश्चिक राशि:
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह युति चौथे भाव में बन रही है, जो घर, संपत्ति और पारिवारिक सुख का भाव माना जाता है। इस दौरान भूमि, भवन या वाहन खरीदने के योग बन सकते हैं। परिवार में सुख-शांति का वातावरण रहेगा। माता के स्वास्थ्य में सुधार संभव है। करियर में स्थिरता आएगी और नई दिशा मिल सकती है। निवेश के मामलों में सोच-समझकर उठाया गया कदम भविष्य में लाभ देगा।
धनु राशि:
धनु राशि के लिए यह युति तीसरे भाव में प्रभाव डालेगी, जो साहस और संचार का भाव है। नए कार्यों की शुरुआत के लिए समय अनुकूल रहेगा। मीडिया, मार्केटिंग, लेखन और संचार क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ हो सकता है। छोटे भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा। यात्रा के योग बन सकते हैं, जो भविष्य में लाभकारी सिद्ध होंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।
कुंभ राशि:
कुंभ राशि में ही सूर्य और मंगल की युति बन रही है, इसलिए इस राशि के जातकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। आत्मविश्वास और ऊर्जा में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल हो सकती हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और नेतृत्व क्षमता मजबूत होगी। स्वास्थ्य में सुधार होगा, लेकिन आवेश में लिए गए निर्णय नुकसानदायक हो सकते हैं। संतुलन और धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा।

0 comments:
Post a Comment