मुख्यमंत्री के अनुसार, यह बजट “विकसित भारत-2047” के लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम है और इससे निवेश, रोजगार व बुनियादी ढांचे को नई गति मिलेगी। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में बिना नया कर लगाए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया गया है। 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक की नई योजनाएं और ढाई लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का पूंजीगत व्यय विकास परियोजनाओं को रफ्तार देगा।
1. इस बजट में टेक्नोलॉजी और एआई पर बड़ा दांव
प्रदेश में स्टेट डाटा अथॉरिटी के गठन, डाटा सेंटर क्लस्टर, यूपी एआई मिशन और साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना की घोषणा की गई है। सरकार का मानना है कि डिजिटल इकोनॉमी भविष्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगी। आईआईटी कानपुर और आईआईटी बीएचयू के साथ ‘डीप टेक’ सहयोग के जरिए युवाओं को उन्नत तकनीक आधारित शोध और स्टार्टअप के अवसर मिलेंगे। स्किल डेवलपमेंट हब और डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप योजनाएं युवाओं को रोजगार के नए रास्ते देंगी।
2. किसानों के लिए सोलर पंप और एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर
कृषि क्षेत्र में 23 लाख डीजल पंपों को चरणबद्ध तरीके से सोलर ऊर्जा से जोड़ने की योजना घोषित की गई है। एससी-एसटी और महिला किसानों को 90 प्रतिशत तथा अन्य किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। इसके अलावा एफपीओ के लिए रिवॉल्विंग फंड, एग्री एक्सपोर्ट हब और दो लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का उद्देश्य किसानों को केवल उत्पादक नहीं, बल्कि उद्यमी बनाना है।
3. महिला सशक्तिकरण को नई ताकत
महिला उद्यमी उत्पाद एवं विपणन केंद्र (सी-मार्ट मॉडल) और महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड की घोषणा की गई है। ब्याज मुक्त ऋण सुविधा से महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। श्रमजीवी महिला छात्रावास और महिला गाइड के लाइसेंस शुल्क में छूट जैसे कदम महिला श्रम भागीदारी बढ़ाने की दिशा में उठाए गए हैं। साथ ही मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
4. खेल और युवाओं के लिए नई पहल
हर मंडल मुख्यालय पर एक स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की घोषणा की गई है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध होंगे। सरकार का दावा है कि बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो 2017 से पहले 17-19 प्रतिशत के बीच थी। बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन और कौशल विकास पर विशेष जोर दिया गया है।
5. इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश का विस्तार
ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत व्यय प्रदेश में सड़क, औद्योगिक कॉरिडोर, ऊर्जा और शहरी विकास परियोजनाओं को गति देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि “रूल ऑफ लॉ ही रियल ग्रोथ की गारंटी है।” सरकार वर्ष 2029-30 तक उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
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