आयोग की जिम्मेदारियां और समयसीमा
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि आयोग कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते और पेंशन की शर्तों की समीक्षा करेगा। आयोग को अपनी रिपोर्ट 18 महीने में सरकार को सौंपने का समय दिया गया है, जिसका मतलब है कि आयोग की रिपोर्ट साल 2027 तक पेश की जाएगी। सिफारिशें आने के बाद ही सरकार आगे की कार्यवाही करेगी।
वित्तीय असर अभी अस्पष्ट
सांसदों ने यह सवाल भी उठाया कि आयोग की सिफारिशें लागू होने पर सरकार के बजट पर कितना अतिरिक्त भार पड़ेगा। इस पर वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जब तक आयोग अपनी रिपोर्ट पेश नहीं करता और उसे मंजूरी नहीं मिलती, वास्तविक वित्तीय असर का आकलन करना संभव नहीं है।
कर्मचारियों की मांगें और हड़ताल
इस बीच, केंद्रीय कर्मचारी संगठन CCGEW ने 12 फरवरी 2026 को देशभर में एक दिन की हड़ताल करने की घोषणा की है। संगठन की प्रमुख मांगों में शामिल हैं: 20% अंतरिम राहत, 50% महंगाई भत्ते को मूल वेतन में जोड़ना, एनपीएस को हटाकर पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करना। कर्मचारी संगठन का कहना है कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देने पर वे सड़क पर उतरेंगे और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएंगे।

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