1. जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक
शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, शहद और घी अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। पंचांग में बताए गए शुभ मुहूर्त में जलाभिषेक करने से मानसिक शांति और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यह विधि साधक को नकारात्मकता से दूर रखती है और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ाती है।
2. बेलपत्र और धतूरा अर्पण
महादेव को बेलपत्र, धतूरा और शमी के पत्ते चढ़ाना अत्यंत फलदायी माना गया है। पूजा में ध्यान रखें कि बेलपत्र कटा-फटा न हो और उसकी चिकनी सतह शिवलिंग की ओर हो। इससे श्रद्धालु की मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
3. महामृत्युंजय मंत्र का जाप
महाशिवरात्रि पर 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करना शुभ माना गया है। मंत्र का नियमित उच्चारण जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है और नकारात्मक प्रभावों से रक्षा करता है। इससे आध्यात्मिक विकास के साथ-साथ मानसिक संतुलन भी बनता है।
4. रात्रि जागरण
पूरी रात जागकर शिव आराधना करना इस पर्व का खास महत्व है। रात्रि जागरण से साधक को आध्यात्मिक सिद्धि मिलती है और मनोबल मजबूत होता है। यह परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है और इसे करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।
5. दान-पुण्य
महाशिवरात्रि पर जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या तिल का दान करना अत्यंत शुभ होता है। शिव पुराण के अनुसार, निस्वार्थ भाव से किया गया दान हर मनोकामना पूरी करने में सहायक होता है। दान करने से पुण्य बढ़ता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

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