करीब 117 किलोमीटर लंबे इस हाईवे के निर्माण पर 1825 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना के पूरा होने के बाद ग्वालियर, भिंड और इटावा समेत कई जिलों के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी। साथ ही यात्रा का समय कम होगा और सड़क हादसों में भी कमी आने की उम्मीद है।
दो चरणों में होगा हाईवे का निर्माण
एनएचएआइ इस पूरे प्रोजेक्ट को दो पैकेज में पूरा करेगा। पहले चरण में पुरानी छावनी स्थित अटल द्वार से पृथ्वीपुर गांव तक करीब 77 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन में बदला जाएगा। इस हिस्से पर लगभग 1182 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दूसरे चरण में पृथ्वीपुर से मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित बरही गांव तक सड़क चौड़ीकरण का काम किया जाएगा। इस हिस्से के निर्माण पर करीब 643 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
नए बायपास भी बनाए जाएंगे
इस परियोजना की खास बात यह है कि सड़क चौड़ीकरण के साथ-साथ नए बायपास भी बनाए जाएंगे। ग्वालियर, मालनपुर, गोहद और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक कम करने के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार किए जाएंगे। इससे शहरों के अंदर भारी वाहनों का दबाव कम होगा और स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी। साथ ही लंबी दूरी तय करने वाले वाहन बिना रुकावट तेजी से सफर कर सकेंगे।
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू
फोरलेन निर्माण के लिए कई क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण किया जाएगा। खासतौर पर मालनपुर और गोहद क्षेत्र में सड़क किनारे निजी जमीनें होने के कारण भू-अर्जन की जरूरत पड़ेगी। भिंड जिला प्रशासन ने परियोजना क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री पर फिलहाल रोक लगा दी है ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न हो। एनएचएआइ के अनुसार सड़क निर्माण लागत के अलावा भूमि अधिग्रहण के लिए अलग बजट जारी किया जाएगा।
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