उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत को '3Fs' यानी ईंधन (Fuel), उर्वरक (Fertiliser) और विदेशी मुद्रा (Forex) पर विशेष फोकस करने की जरूरत है। वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत और स्थिर बनी हुई है। उन्होंने साफ कहा कि देश को डर और नकारात्मकता के माहौल से बचाने की जरूरत है।
‘3Fs’ को बताया आर्थिक स्थिरता की कुंजी
वित्त मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में तीन क्षेत्र भारत की आर्थिक मजबूती के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं।
1. ईंधन पर सरकार की नजर
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार अस्थिर बनी हुई हैं। इसका सीधा असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ता है। आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार पहले ही पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर चुकी है। वित्त मंत्री के अनुसार, इस फैसले से सरकारी राजस्व पर करीब एक लाख करोड़ रुपये का असर पड़ा, लेकिन सरकार ने जनता को राहत देना जरूरी समझा।
2 .किसानों के लिए उर्वरक पर बड़ा खर्च
वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर उर्वरकों की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुकी हैं। इसके बावजूद सरकार किसानों को सस्ती दरों पर खाद उपलब्ध कराने के लिए भारी सब्सिडी दे रही है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाए रखना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और किसानों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने दिया जाएगा।
3 .विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखना चुनौती
सोने और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में सरकार विदेशी मुद्रा प्रबंधन को लेकर भी सतर्क है। वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच भारत को अपने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत बनाए रखना बेहद जरूरी है।
आलोचकों पर साधा निशाना
अपने संबोधन में वित्त मंत्री ने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो देश की अर्थव्यवस्था को लेकर नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान चुनौतियां पूरी तरह वैश्विक कारणों से पैदा हुई हैं और भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत स्थिति में है। सरकार का पूरा ध्यान विकास दर बनाए रखने और आर्थिक स्थिरता कायम रखने पर है।

0 comments:
Post a Comment