यूपी सरकार की नई तैयारी, कर्मचारियों के लिए 4 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में श्रम व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नई श्रम संहिताओं के लागू होने के बाद राज्य में दुकानें, मॉल, दफ्तर, कॉल सेंटर और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान सप्ताह के सातों दिन खुले रह सकेंगे। हालांकि इसके साथ कर्मचारियों के अधिकारों और सुविधाओं को लेकर भी सख्त नियम लागू किए जाएंगे।

राज्य सरकार केंद्र की नई श्रम संहिताओं के आधार पर प्रदेश में नई नियमावली लागू करने की तैयारी में है। स्वास्थ्य एवं कार्य दशा संहिता को छोड़कर बाकी तीन श्रम संहिताओं की नियमावली लगभग तैयार मानी जा रही है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद इन्हें जल्द लागू किया जा सकता है।

सातों दिन खुल सकेंगे प्रतिष्ठान

नई व्यवस्था लागू होने के बाद व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24×7 संचालन की अनुमति मिल सकेगी। इससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मॉल, दुकानों, आईटी कंपनियों और कॉल सेंटरों को इससे सबसे अधिक फायदा मिल सकता है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों के काम के घंटे तय रहेंगे और श्रम कानूनों का पालन अनिवार्य होगा।

कर्मचारियों के लिए तय होंगे सख्त नियम

नई नियमावली के तहत कर्मचारियों से आठ घंटे से अधिक काम कराने पर ओवरटाइम देना अनिवार्य होगा। ओवरटाइम के बदले दोगुना वेतन देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पाली व्यवस्था, साप्ताहिक अवकाश और उपस्थिति का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से रखना होगा। सभी कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र और डिजिटल वेतन पर्ची देना भी अनिवार्य किया जाएगा।

महिला कर्मचारियों के लिए खास सुरक्षा व्यवस्था

नई श्रम व्यवस्था में महिला कर्मचारियों को रात की पाली में काम करने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन इसके लिए उनकी लिखित सहमति जरूरी होगी। साथ ही कंपनियों को सुरक्षित परिवहन, पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, बेहतर रोशनी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। सरकार ने साफ किया है कि महिला सुरक्षा से जुड़े नियमों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रतिष्ठानों पर इस नियम को तोड़ने पर भारी जुर्माना

सरकार नई श्रम व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाने जा रही है। नियमों का पालन न करने वाले प्रतिष्ठानों पर तीन लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों, जैसे कर्मचारी की मौत या बड़ी दुर्घटना होने पर कारावास तक का प्रावधान भी किया गया है। इससे कंपनियों पर कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ेगा।

नई व्यवस्था में डिजिटल सिस्टम पर रहेगा ज्यादा जोर

नई व्यवस्था में डिजिटल पंजीकरण और ऑनलाइन रिकॉर्ड सिस्टम को अनिवार्य बनाया जा रहा है। 10 से अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को इलेक्ट्रॉनिक पंजीकरण कराना होगा। 11 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में ईएसआई सुविधा लागू होगी। इसके अलावा वार्षिक ई-रिटर्न दाखिल करना भी जरूरी होगा।

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