सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राज्य में यात्रा पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएगी। कई मार्गों पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगे, जिससे समय की बचत के साथ व्यापार और उद्योग को भी फायदा मिलेगा।
1. रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे - रक्सौल को हल्दिया बंदरगाह से जोड़ने वाला हाईस्पीड कॉरिडोर।
2. आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे - उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क परियोजना।
3. वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे - बिहार के कई जिलों को वाराणसी और कोलकाता से जोड़ने वाला एक्सप्रेसवे।
4. गोरखपुर-सिलीगुड़ी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे - बिहार को नॉर्थ ईस्ट से तेज सड़क संपर्क देने वाला छह लेन मार्ग।
5. पटना रिंग रोड - राजधानी पटना को जाम से राहत देने के लिए बनाया जा रहा रिंग रोड।
6. पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे - सीमांचल और कोसी क्षेत्र को पटना से जोड़ने वाला हाईस्पीड मार्ग।
7. राम जानकी मार्ग - अयोध्या से सीतामढ़ी तक धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाला कॉरिडोर।
8. पटना-गया-डोभी कॉरिडोर - पटना और गया के बीच बेहतर कनेक्टिविटी देने वाली सड़क परियोजना।
9. मोकामा-मुंगेर फोरलेन - मोकामा और मुंगेर को जोड़ने वाला फोरलेन हाईवे।
10. दानापुर-बिहटा-कोईलवर एलिवेटेड कॉरिडोर - पटना क्षेत्र में ट्रैफिक कम करने के लिए बनाया जा रहा एलिवेटेड रोड।
11. रजौली-बरियारपुर कॉरिडोर - दक्षिण बिहार में सड़क संपर्क मजबूत करने वाली परियोजना।
12. पटना-मानिकपुर-अरेराज-बेतिया फोरलेन - पश्चिम चंपारण क्षेत्र को बेहतर सड़क सुविधा देने वाला फोरलेन मार्ग।
13. पटना-आरा-सासाराम ग्रीनफील्ड हाईवे - पटना से सासाराम तक तेज यात्रा के लिए तैयार किया जा रहा हाईवे।
14. गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी - बिहार से दिल्ली की ओर आवागमन को आसान बनाने वाली लिंक परियोजना।
15. कृषि फीडर और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी सड़कें - ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों को मुख्य हाईवे से जोड़ने वाली सड़क परियोजनाएं।
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