प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार नगर निकायों को आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है और आने वाले समय में प्रदेश के सभी बड़े शहरों में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
लखनऊ के बाद प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर में तैयारी
सरकार ने सबसे पहले राजधानी लखनऊ में वन डे गवर्नेंस सेंटर तैयार किया है। अब प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर में भी इस मॉडल को लागू करने की तैयारी चल रही है। मंत्री ने बताया कि सरकार की कोशिश है कि आने वाले समय में यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू हो जाए ताकि नागरिकों को लंबी प्रक्रिया और देरी से राहत मिल सके।
वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगी विशेष सुविधा
नई व्यवस्था में वरिष्ठ नागरिकों और ऑनलाइन प्रक्रिया में कठिनाई महसूस करने वाले लोगों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। वन डे गवर्नेंस सेंटर पर बैठने की बेहतर व्यवस्था, सहायता काउंटर, चाय-कॉफी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी ताकि लोग आरामदायक तरीके से अपना काम करा सकें। सरकार का मानना है कि डिजिटल और आधुनिक नगर सेवाएं ही भविष्य की जरूरत हैं। इसी सोच के साथ स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के साथ-साथ नागरिक सेवाओं को भी स्मार्ट बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकारी दफ्तरों के चक्कर से मिलेगी राहत
अक्सर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज या अन्य नगर निगम सेवाओं के लिए लोगों को कई दिनों तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह प्रक्रिया काफी आसान हो सकती है। इससे समय की बचत होगी और भ्रष्टाचार व देरी जैसी समस्याओं में भी कमी आने की उम्मीद है। योगी सरकार का दावा है कि यह पहल उत्तर प्रदेश के शहरी प्रशासन को अधिक जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।

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