CM योगी ने लिया फैसला, सभी 'ग्राम प्रधानों' के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की पंचायती राज व्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने 57 हजार से ज्यादा ग्राम प्रधानों को बड़ी राहत देते हुए ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद अब प्रदेश के मौजूदा ग्राम प्रधान अपने कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी अगले पंचायत चुनाव तक प्रशासक के रूप में काम करते रहेंगे।

यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब राज्य की सभी ग्राम पंचायतों का पांच साल का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है। पहले माना जा रहा था कि कार्यकाल खत्म होने के बाद गांवों की जिम्मेदारी सरकारी अधिकारियों को सौंप दी जाएगी, लेकिन सरकार ने नया रास्ता अपनाते हुए मौजूदा प्रधानों पर ही भरोसा जताया है।

पहली बार बनेगी प्रशासनिक समिति

उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा जब ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक समिति बनाकर विकास कार्यों को जारी रखा जाएगा। इस समिति में वर्तमान ग्राम प्रधान ही प्रमुख भूमिका निभाएंगे और गांवों के विकास, योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।

ग्राम प्रधानों की मांग पर सरकार ने लिया निर्णय

काफी समय से ग्राम प्रधान संगठन यह मांग कर रहे थे कि यदि पंचायत चुनाव समय पर नहीं कराए जाते हैं तो मौजूदा प्रधानों को ही प्रशासनिक अधिकार दिए जाएं। उनका कहना था कि नए चुनाव होने तक बाहरी अधिकारियों को जिम्मेदारी देने से गांवों के काम प्रभावित हो सकते हैं। सरकार ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए मौजूदा प्रधानों को ही गांवों की कमान सौंपने का फैसला लिया है।

OBC आरक्षण तय करने के लिए बना विशेष आयोग

पंचायत चुनावों में आरक्षण व्यवस्था को लेकर भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने पिछड़ा वर्ग आरक्षण के निर्धारण के लिए एक विशेष आयोग का गठन किया है। आयोग का मुख्य काम पंचायत चुनावों में OBC आरक्षण से जुड़े आंकड़ों की समीक्षा करना और सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपना होगा। आयोग को छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देने का समय दिया गया है।

जून में आएगी पंचायत चुनाव की अंतिम वोटर लिस्ट

उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव की तैयारियों में भी जुटा हुआ है। जानकारी के मुताबिक जून 2026 के पहले सप्ताह में पंचायत चुनावों की अंतिम वोटर लिस्ट जारी कर दी जाएगी। इसके बाद आगे की चुनावी प्रक्रिया को लेकर स्थिति साफ हो सकती है।

सरकार के फैसले से विकास कार्यों पर नहीं लगेगा ब्रेक

सरकार के इस फैसले से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि गांवों में विकास योजनाओं और पंचायत स्तर के कार्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सड़क, नाली, आवास, पेयजल और अन्य योजनाओं का काम लगातार चलता रहेगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला ग्रामीण प्रशासन को स्थिर बनाए रखने और पंचायत व्यवस्था में निरंतरता कायम रखने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।

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