67 लाख से अधिक लाभार्थियों की होगी जांच
प्रदेश में वर्तमान समय में लगभग 67.50 लाख लाभार्थी वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ ले रहे हैं। अब सरकार हर लाभार्थी का भौतिक और दस्तावेजी सत्यापन कर रही है। इस प्रक्रिया में लाभार्थियों की पात्रता, जीवित स्थिति और रिकॉर्ड की जांच की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।
अपात्र और फर्जी लाभार्थियों पर सख्ती
पिछले कुछ मामलों में यह सामने आया था कि कुछ मृत व्यक्तियों या अपात्र लोगों के नाम पर भी पेंशन जारी हो रही थी। इसी को देखते हुए सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए पूरे सिस्टम की दोबारा जांच शुरू कर दी है। पिछले वर्ष भी इसी तरह की जांच में 3 लाख से अधिक अपात्र लाभार्थियों को सूची से बाहर किया गया था।
फैमिली आईडी से जोड़े जाएंगे लाभार्थी
सत्यापन प्रक्रिया के दौरान सभी पात्र लाभार्थियों को फैमिली आईडी से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इससे भविष्य में रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी और डिजिटल तरीके से प्रबंधित किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे दोहराव और गलत लाभार्थियों की पहचान आसानी से हो सकेगी।
सत्यापन की समयसीमा बढ़ाई गई
पहले इस प्रक्रिया को 10 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब इसे बढ़ा दिया गया है ताकि सभी जिलों में सही तरीके से जांच की जा सके। जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक लाभार्थी का सही तरीके से भौतिक और अभिलेखीय सत्यापन किया जाए।
पात्र लोगों को नहीं होगा नुकसान
सरकार ने साफ किया है कि इस अभियान का उद्देश्य किसी भी पात्र व्यक्ति का लाभ रोकना नहीं है। पूरी प्रक्रिया में इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि कोई भी वास्तविक लाभार्थी योजना से वंचित न रहे।

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