कृषि विभाग बिहार कृषि डिजिटल प्लेटफॉर्म को और प्रभावी बनाने की तैयारी में जुटा है। इसी कड़ी में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की कृषि सेवाओं को भी इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इससे किसानों को खेती से जुड़ी बेहतर और भरोसेमंद जानकारी एक ही जगह उपलब्ध हो सकेगी।
लाखों किसान पहले से जुड़े
बिहार कृषि डिजिटल प्लेटफॉर्म से अभी तक 12 लाख से ज्यादा किसान जुड़ चुके हैं। इस मंच के जरिए किसानों को मौसम की जानकारी, फसल से जुड़ी सलाह और खेती की नई तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा किसानों को इस डिजिटल सुविधा से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें खेती के लिए सही समय पर सही जानकारी मिल सके।
कृषि विशेषज्ञों की सलाह भी मिलेगी
बिहार कृषि विश्वविद्यालय की सेवाएं जुड़ने के बाद किसानों को कृषि विशेषज्ञों की सलाह, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और शोध से जुड़ी जानकारी का फायदा मिलेगा। किसान फसल चयन, खेती के तरीके और नई तकनीक अपनाने को लेकर बेहतर निर्णय ले सकेंगे। इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मौसम और तकनीक से मिलेगी मदद
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मौसम विभाग की जानकारी के आधार पर किसानों को कृषि मौसम सलाह दी जा रही है। इससे किसान बारिश, तापमान और मौसम बदलाव को ध्यान में रखते हुए खेती की योजना बना सकेंगे। इसके अलावा एआई आधारित सुविधाओं के जरिए भी किसानों को खेती से जुड़े सवालों के समाधान उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
किसानों की आमदनी बढ़ाना सरकार का लक्ष्य
सरकार का फोकस किसानों को केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेती को अधिक लाभकारी बनाने पर भी है। डिजिटल सेवाओं के विस्तार से किसानों को कम समय में सही जानकारी मिलेगी और वे बेहतर तरीके से खेती कर पाएंगे। इस पहल से बिहार के किसानों को आधुनिक कृषि व्यवस्था से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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