15 जून को प्रस्ताव और मेमोरेंडम जमा करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इसके बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कर्मचारियों की कौन-कौन सी मांगें 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों में जगह बना पाती हैं।
संगठनों द्वारा न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग
कर्मचारी संगठनों ने सबसे प्रमुख मांग न्यूनतम मूल वेतन बढ़ाने को लेकर रखी है। उनका कहना है कि मौजूदा वेतन व्यवस्था आज के खर्चों के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। कर्मचारियों के अनुसार वर्तमान समय में शिक्षा, स्वास्थ्य, मकान, परिवहन और डिजिटल सेवाओं पर खर्च काफी बढ़ चुका है। इसलिए नए वेतन निर्धारण में आधुनिक जरूरतों को शामिल किया जाना चाहिए।
फिटमेंट फैक्टर 3.83 करने की मांग तेज
8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था। अब कुछ कर्मचारी संगठनों ने इसे बढ़ाकर 3.83 करने की मांग की है। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए नया फिटमेंट फैक्टर अधिक होना चाहिए।
DA को मूल वेतन में शामिल करने की मांग
महंगाई भत्ता (DA) को लेकर भी कर्मचारियों ने अपनी मांग रखी है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से बढ़ती महंगाई का असर नई वेतन संरचना में दिखाई देना चाहिए। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों के DA में लगातार बढ़ोतरी हुई है और कर्मचारियों की मांग है कि नए वेतन ढांचे में इसे ध्यान में रखकर फैसला लिया जाए।
परिवार यूनिट में बदलाव का प्रस्ताव
कर्मचारी संगठनों ने वेतन निर्धारण के पुराने परिवार फॉर्मूले में बदलाव की मांग भी उठाई है। मौजूदा व्यवस्था में परिवार इकाई को लेकर पुराने मानकों का इस्तेमाल किया जाता है। संगठनों का कहना है कि इसे बढ़ाकर 3 से 5 परिवार इकाई किया जाना चाहिए, क्योंकि आज परिवार की जिम्मेदारियां और खर्च पहले से काफी बढ़ गए हैं।
OPS, NPS और UPS पर भी नजर
पेंशन सुधार भी 8वें वेतन आयोग का बड़ा मुद्दा है। कई कर्मचारी संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। वहीं नई पेंशन व्यवस्था को लेकर भी कर्मचारियों ने सुधार की जरूरत बताई है।
अब आयोग करेगा मांगों की समीक्षा
प्रस्ताव जमा होने के बाद अब 8वां वेतन आयोग कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स समूहों और अन्य पक्षों की मांगों का अध्ययन करेगा। आयोग की अंतिम सिफारिशों में वेतन वृद्धि, भत्तों और पेंशन से जुड़े कौन से बदलाव शामिल होंगे, इस पर लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर बनी हुई है।

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