करोड़ों की शराब जब्त, अभियान तेज
पुलिस के अनुसार इस वर्ष मई तक करीब 201 करोड़ रुपये मूल्य की शराब जब्त की जा चुकी है। इसमें से जिला पुलिस और मद्यनिषेध इकाई दोनों की संयुक्त कार्रवाई शामिल है। बड़ी मात्रा में अवैध शराब की बरामदगी यह दिखाती है कि राज्य में तस्करी नेटवर्क सक्रिय है, लेकिन पुलिस लगातार उस पर शिकंजा कस रही है।
हजारों गिरफ्तारी, दोनों पक्षों पर कार्रवाई
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक इस वर्ष मई तक 56,900 से अधिक लोगों को मद्यनिषेध मामलों में गिरफ्तार किया गया है। इनमें शराब पीने वाले, सप्लाई करने वाले और तस्करी में शामिल लोग सभी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में लगभग 19,800 शराब के कारोबारी और तस्कर हैं, जबकि करीब 37,000 लोग शराब सेवन के आरोप में पकड़े गए हैं। पिछले साल यह संख्या एक लाख से अधिक थी, जो इस साल के आंकड़ों की तुलना में और व्यापक अभियान को दर्शाती है।
अंतरराज्यीय नेटवर्क पर भी शिकंजा
पुलिस ने राज्य के बाहर सक्रिय शराब कारोबारियों के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की है। इस साल अब तक 500 से अधिक बाहरी राज्यों के शराब कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कई बड़े नेटवर्क से जुड़े लोग भी शामिल हैं।
अवैध संपत्ति और मनी ट्रेल पर कार्रवाई
अब तक 127 लोगों की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया अदालत में भेजी जा चुकी है। इसके साथ ही 89 नशा कारोबारियों के खिलाफ नारकोटिक्स कानून के तहत भी कार्रवाई चल रही है, जिससे संगठित अपराध पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।
नशे के अन्य रूपों पर भी कार्रवाई
केवल शराब ही नहीं, बल्कि अन्य मादक पदार्थों पर भी बड़ी कार्रवाई की गई है। भारी मात्रा में गांजा, चरस, हेरोइन, डोडा और ओपियम जैसी नशीली वस्तुएं बरामद की गई हैं। इसके अलावा लाखों की संख्या में कैप्सूल और इंजेक्शन भी जब्त किए गए हैं, जो अवैध नशे के बढ़ते नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं।
सख्ती के साथ जारी रहेगा अभियान
पुलिस का कहना है कि बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा। सरकार और पुलिस दोनों का लक्ष्य अवैध शराब और नशे के कारोबार को पूरी तरह खत्म करना है।

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