बायोमेट्रिक हाजिरी से होगी उपस्थिति
नई व्यवस्था के तहत मदरसों में सभी की उपस्थिति डिजिटल और बायोमेट्रिक माध्यम से दर्ज की जाएगी। इसका उद्देश्य वास्तविक उपस्थिति का सही और पारदर्शी रिकॉर्ड तैयार करना है, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जी उपस्थिति पर रोक लगाई जा सके।
डीएमओ को सौंपी गई जिम्मेदारी
इस पूरे सिस्टम की निगरानी की जिम्मेदारी जिला अल्पसंख्यक अधिकारियों (DMO) को दी गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी अनुदानित मदरसों में बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली सही तरीके से लागू हो।
वेतन भुगतान अब उपस्थिति से जुड़ा
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब वेतन भुगतान केवल उपस्थिति के आधार पर ही किया जाएगा। जिन शिक्षकों और कर्मचारियों की बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज नहीं होगी, उन्हें वेतन मिलने में परेशानी हो सकती है।
पुराने निर्देशों का सख्ती से पालन जरूरी
मदरसा शिक्षा बोर्ड की रजिस्ट्रार अंजना सिरोही ने डीएमओ को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 23 मई को शासन द्वारा बायोमेट्रिक हाजिरी लागू करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन अभी तक कई जगह इसका पूरी तरह पालन नहीं हुआ है। इसी को देखते हुए अब सख्ती बढ़ा दी गई है और सभी मदरसों में इसे अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
जहां सिस्टम नहीं, वहां तुरंत होगा इंस्टालेशन
निर्देशों के अनुसार जिन मदरसों में अभी तक बायोमेट्रिक सिस्टम नहीं लगाया गया है, वहां डीएमओ की निगरानी में इसे जल्द स्थापित किया जाएगा। इसके बाद इसकी नियमित निगरानी भी की जाएगी ताकि व्यवस्था में कोई ढिलाई न रहे।
पारदर्शिता और सुधार की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का यह फैसला शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल फर्जी उपस्थिति पर रोक लगेगी, बल्कि शिक्षण व्यवस्था भी अधिक जवाबदेह बनेगी।

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