नए नियम लागू होने के बाद खासतौर पर छोटे और मध्यम आकार के मकान बनाने वालों को राहत मिलने की उम्मीद है। अब लोगों को नक्शा पास कराने के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है। नई व्यवस्था में कुछ श्रेणी के भवनों के लिए सेल्फ-सर्टिफिकेशन सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है।
ऑनलाइन प्रक्रिया से लोगों को मिलेगी सुविधा
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, पात्र भवनों के लिए आवेदक को किसी मान्यता प्राप्त तकनीकी विशेषज्ञ से नक्शा तैयार करवाकर ऑनलाइन पोर्टल पर जमा करना होगा। जरूरी शुल्क जमा करने के बाद प्रमाणपत्र प्राप्त किया जा सकेगा। इससे भवन निर्माण की अनुमति प्रक्रिया पहले के मुकाबले ज्यादा आसान और डिजिटल हो जाएगी।
30 दिन में फैसला नहीं तो मानी जाएगी मंजूरी
नए बिल्डिंग बायलाज में डीम्ड परमिशन यानी स्वत: स्वीकृति का भी प्रावधान रखा गया है। इसके तहत अगर किसी व्यक्ति के आवेदन पर संबंधित विभाग 30 दिनों के अंदर मंजूरी या आपत्ति नहीं देता है, तो आवेदन को स्वीकृत माना जा सकता है। इससे लंबित फाइलों की समस्या कम होने की उम्मीद है।
सभी शहरी क्षेत्रों में लागू होंगे नए नियम
नए प्रावधान राज्य के नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत, महानगरीय क्षेत्र और नियोजन क्षेत्रों में लागू किए जाने का प्रस्ताव है। इसमें नए निर्माण के साथ-साथ भवन विस्तार, पुनर्निर्माण और उपयोग में बदलाव जैसी गतिविधियां भी शामिल होंगी।
भवन निर्माण के मानक भी तय होंगे
नए नियमों में मकान के डिजाइन से जुड़े कई मानक निर्धारित किए गए हैं। इसमें कमरे की ऊंचाई, रसोई, बाथरूम, सीढ़ी और निकास व्यवस्था के लिए न्यूनतम मापदंड तय किए जाएंगे, ताकि सुरक्षित और बेहतर भवन निर्माण को बढ़ावा मिल सके।
आम लोगों से मांगे गए सुझाव
सरकार ने मसौदे पर विशेषज्ञों और आम लोगों से सुझाव एवं आपत्तियां मांगी हैं। इसके बाद प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद नए नियम लागू किए जाएंगे।

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