सभी जिलों में तैयार होगा विस्तृत डाटाबेस
नई योजना के तहत राज्य के प्रत्येक जिले में स्थित खासमहाल जमीन का पूरा विवरण एकत्र किया जाएगा। सर्वे के दौरान यह जानकारी दर्ज की जाएगी कि जमीन का वर्तमान उपयोग क्या है, कहीं उस पर अतिक्रमण तो नहीं है और उससे जुड़े कौन-कौन से मामले न्यायालयों में लंबित हैं। इन सभी जानकारियों को एकीकृत कर राज्य स्तर पर एक आधुनिक और अद्यतन डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जाएगा।
सर्वे की निगरानी के लिए बनेगी विशेष समिति
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सर्वेक्षण कार्य को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था भी बनाने का निर्णय लिया है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की पांच सदस्यीय समिति गठित की जाएगी, जो समय-समय पर सर्वे की प्रगति की समीक्षा करेगी। इसके अलावा पूरे अभियान की मॉनिटरिंग राज्य मुख्यालय से की जाएगी, ताकि सभी जिलों में कार्य निर्धारित समय के अनुसार पूरा हो सके।
खासमहाल जमीन की समस्याओं पर भी होगा काम
बैठक के दौरान खासमहाल भूमि से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की गई। इस दौरान संबंधित संगठनों के प्रतिनिधियों ने सरकार के सामने कई सुझाव और समस्याएं रखीं। सरकार ने संकेत दिए हैं कि इन सुझावों पर विचार करते हुए भूमि से जुड़े लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।
जमीन को फ्रीहोल्ड बनाने की दिशा में तेज हुई कवायद
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि खासमहाल जमीन को फ्रीहोल्ड बनाने की प्रक्रिया पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। यदि यह पहल आगे बढ़ती है, तो इससे खासमहाल भूमि से जुड़े हजारों लोगों को भविष्य में बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय और विस्तृत नियम सरकार द्वारा आगे जारी किए जाएंगे।

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