राशन केंद्रों पर मिलेंगी VIP जैसी सुविधाएं
नई व्यवस्था लागू होने के बाद राशन वितरण के दिनों में प्रत्येक उचित दर की दुकान पर लाभार्थियों के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था अनिवार्य होगी। इसके अलावा गर्मी और लंबी प्रतीक्षा को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। कई स्थानों पर लाभार्थियों के लिए गुड़ या पेठा जैसी पारंपरिक जलपान सामग्री भी रखी जाएगी, जिससे उन्हें इंतजार के दौरान असुविधा न हो।
सरकार उठाएगी पूरा खर्च
खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार इस नई व्यवस्था का पूरा वित्तीय भार राज्य सरकार वहन करेगी। कोटेदारों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि उन्हें अतिरिक्त बोझ न उठाना पड़े। सरकार का अनुमान है कि इस योजना पर हर वर्ष लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह राशि राशन वितरण केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने और व्यवस्था को बेहतर बनाने में खर्च की जाएगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
प्रदेश में लगभग 3 करोड़ 65 लाख से अधिक राशन कार्डधारक हर महीने मुफ्त राशन योजना का लाभ उठाते हैं। लंबे समय से ऐसी शिकायतें सामने आ रही थीं कि कई राशन दुकानों पर बैठने की व्यवस्था नहीं होती, पीने का पानी उपलब्ध नहीं रहता और लाभार्थियों को घंटों खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए सरकार ने वितरण केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का फैसला लिया है, ताकि लाभार्थियों को सम्मानजनक वातावरण में राशन मिल सके।

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