विधान परिषद में इस संबंध में जानकारी देते हुए नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बना रही है।
12 सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की तैयारी
राज्य सरकार बिहार के विभिन्न हिस्सों में 12 सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इन टाउनशिप का उद्देश्य बढ़ते शहरीकरण को व्यवस्थित करना, आधुनिक आवासीय सुविधाएं विकसित करना और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में शहरी क्षेत्रों का आर्थिक योगदान तेजी से बढ़ेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए भविष्य की जरूरतों के अनुसार नए शहर विकसित करने की योजना बनाई गई है।
जबरन नहीं ली जाएगी किसी की जमीन
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस योजना के तहत किसी भी किसान या जमीन मालिक से जबरन भूमि अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। केवल स्वेच्छा से जमीन देने वाले रैयतों की भूमि ही ली जाएगी। मंत्री के अनुसार अब तक करीब 750 किसानों ने अपनी इच्छा से इस योजना के लिए जमीन उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है।
आवेदन के 30 दिन के भीतर भुगतान
योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जमीन देने के इच्छुक रैयतों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आवेदन और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 30 दिनों के भीतर भुगतान करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस व्यवस्था से किसानों और जमीन मालिकों का भरोसा बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, ताकि उन्हें समय पर उचित भुगतान मिल सके।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधा
जिन जिलों में राज्य आवास बोर्ड का कार्यालय मौजूद नहीं है, वहां सरकार ने नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। इच्छुक रैयत सीधे इन अधिकारियों से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें।

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