बिना प्रीमियम मिलेगा बीमा का लाभ
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि पात्र लाभार्थियों को बीमा के लिए अपनी जेब से कोई प्रीमियम नहीं देना होगा। बीमा प्रीमियम का खर्च केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार संयुक्त रूप से वहन करेंगी। यानी योजना का लाभ लेने वाले मछलीपालकों को मुफ्त में दुर्घटना बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
दुर्घटना में 5 लाख रुपये तक का मुआवजा
योजना के तहत यदि किसी पंजीकृत मछुआरे या मत्स्य पालक की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को अधिकतम 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह सहायता पानी में डूबने, सांप के काटने या अन्य पात्र दुर्घटनाओं जैसी परिस्थितियों में निर्धारित नियमों के अनुसार उपलब्ध कराई जाएगी।
गंभीर चोट लगने पर भी मिलेगी सहायता
योजना केवल मृत्यु तक सीमित नहीं है। यदि किसी लाभार्थी को दुर्घटना में स्थायी विकलांगता होती है, तो उसे 2.50 लाख रुपये तक का बीमा लाभ मिल सकता है। वहीं गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में इलाज के लिए 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी।
ऐसे करें आवेदन की प्रक्रिया को पूरा
बीमा योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले मत्स्य पालकों को नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) पर अपना पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद बीमा से संबंधित विकल्प चुनकर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को ऑनलाइन पंजीकरण में परेशानी होती है, तो वह अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की मदद ले सकता है। इसके अलावा जिला मत्स्य विभाग के अधिकारी भी आवेदन प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।

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