तेजी से पूरा हो रहा जमीन अधिग्रहण
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) को अपने अधिसूचित क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के लिए करीब 225 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित करने की जिम्मेदारी दी गई थी। अब तक अधिकांश भूमि का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है।
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) भी अपने हिस्से की जमीन खरीदने का कार्य तेजी से कर रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि भूमि संबंधी सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाए।
नोएडा एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी
गंगा लिंक एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से सीधा सड़क संपर्क मिलेगा। इससे पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी। करीब 74.3 किलोमीटर लंबा यह लिंक एक्सप्रेसवे यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ते हुए आगे गंगा एक्सप्रेसवे तक जाएगा। इससे यात्रियों और माल परिवहन दोनों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
इन जिलों को होगा सीधा फायदा
यह परियोजना मुख्य रूप से गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर जिले के कई गांवों से होकर गुजरेगी। इसके निर्माण के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा, जेवर, बुलंदशहर सहित आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इसके अलावा आगरा, मथुरा, लखनऊ और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जुड़े मार्गों पर भी आवागमन पहले से अधिक सुगम होने की संभावना है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा एक्सप्रेसवे
परियोजना के तहत लगभग 80 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क बनाई जाएगी। यीडा क्षेत्र में सड़क के साथ सर्विस रोड भी विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय यातायात प्रभावित न हो। कुछ हिस्सों में सड़क जमीन की सतह पर होगी, जबकि आगे के हिस्सों में एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण भी किया जाएगा। इससे यातायात अधिक सुरक्षित और सुचारु रहेगा।
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