कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 1 जुलाई 2026 से बढ़ेगा महंगाई भत्ता

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (CPSE) में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज (DPE) ने 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाले इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) की संशोधित दरों को मंजूरी दे दी है। नई दरें लागू होने के बाद पात्र कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी होगी, जिससे उनकी मासिक आय में भी इजाफा देखने को मिलेगा।

किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?

यह बढ़ा हुआ IDA केवल उन कर्मचारियों पर लागू होगा, जो केंद्र सरकार के अधीन संचालित सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (CPSE) में कार्यरत हैं। इनमें 1987, 1997, 2007 और 2017 के वेतनमान के अंतर्गत आने वाले कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं। यानी यदि आप किसी सरकारी कंपनी में इन वेतनमानों के अनुसार सेवा दे रहे हैं, तो 1 जुलाई 2026 से आपको संशोधित महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा।

नई दरों में कितना बदलाव?

डीपीई द्वारा जारी संशोधित दरों के अनुसार अलग-अलग वेतनमान के लिए IDA अलग तय किया गया है। वर्ष 2017 के वेतनमान वाले कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता 55.7 प्रतिशत होगा। वहीं 2007 पे-स्केल के लिए यह 241.7 प्रतिशत और 1997 पे-स्केल के लिए 476.9 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। 1987 के वेतनमान वाले कर्मचारियों के लिए IDA की गणना तय फॉर्मूले के आधार पर की जाएगी।

सैलरी पर कैसे पड़ेगा असर?

महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का सीधा असर कर्मचारियों के वेतन पर दिखाई देगा। हालांकि, हर कर्मचारी को मिलने वाली अतिरिक्त राशि अलग-अलग होगी, क्योंकि यह उसके बेसिक वेतन और संबंधित पे-स्केल पर निर्भर करेगी। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 50 हजार रुपये है और वह 2017 के वेतनमान के अंतर्गत आता है, तो संशोधित IDA के अनुसार उसे पहले की तुलना में अधिक महंगाई भत्ता मिलेगा। इससे उसकी कुल मासिक सैलरी में भी बढ़ोतरी होगी।

0 comments:

Post a Comment