देश में 7 करोड़ से अधिक सदस्य होंगे लाभान्वित
EPFO भारत का सबसे बड़ा सामाजिक सुरक्षा संगठन है। इसके साथ 7 करोड़ से अधिक सक्रिय सदस्य जुड़े हुए हैं, जबकि 13 लाख से अधिक प्रतिष्ठान संगठन के दायरे में आते हैं। हर महीने लाखों कर्मचारियों के EPF खाते में अंशदान जमा किया जाता है। ऐसे में डिजिटल सेवाओं में सुधार का सीधा लाभ बड़ी संख्या में कर्मचारियों और पेंशनधारकों को मिलने की उम्मीद है।
ब्याज जल्द खाते में पहुंचाने की तैयारी
फिलहाल EPF पर मिलने वाला वार्षिक ब्याज घोषित होने के बाद कर्मचारियों के खातों में पहुंचने में कई महीने लग जाते हैं। नई व्यवस्था के तहत ब्याज दर को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद कम समय में राशि खातों में जमा करने की योजना पर काम किया जा रहा है। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर तय की गई है। इससे पहले 2024-25 के लिए भी ब्याज दर 8.25 प्रतिशत ही रखी गई थी। यदि नई प्रणाली लागू होती है तो कर्मचारियों को ब्याज के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
एटीएम से पीएफ निकासी का काम
EPFO सदस्यों को भविष्य में एटीएम के माध्यम से भी पीएफ राशि निकालने की सुविधा देने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए तकनीकी ढांचे को विकसित किया जा रहा है। हालांकि यह सुविधा लागू होने के बाद भी निकासी वर्तमान EPF नियमों और पात्रता शर्तों के अनुसार ही होगी। इसका उद्देश्य केवल निकासी प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
डिजिटल सेवाओं पर बढ़ रहा जोर
पिछले कुछ वर्षों में EPFO ने कई सेवाओं को ऑनलाइन किया है। यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN), ऑनलाइन क्लेम, ई-नॉमिनेशन, डिजिटल KYC और ऑनलाइन पासबुक जैसी सुविधाओं से कर्मचारियों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत काफी कम हुई है। अब संगठन अगला कदम उठाते हुए भुगतान और निकासी प्रणाली को भी अधिक आधुनिक बनाने की तैयारी में है।
नई सुविधाओं का लाभ लेने के लिए क्या करें?
यदि कर्मचारी इन नई सेवाओं का लाभ लेना चाहते हैं, तो उन्हें कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
अपना UAN (Universal Account Number) सक्रिय रखें।
आधार, पैन और बैंक खाते की KYC पूरी करें।
EPFO रिकॉर्ड में बैंक खाता संख्या और IFSC सही दर्ज हो।
मोबाइल नंबर अपडेट रखें, ताकि OTP और अन्य जरूरी सूचनाएं समय पर मिल सकें।
समय-समय पर EPFO पोर्टल पर अपनी जानकारी की जांच करते रहें।

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