8 जुलाई से योजना की शुरुआत
राज्य सरकार इस नई स्वास्थ्य सुविधा की शुरुआत 8 जुलाई को वाराणसी से करने जा रही है। यह योजना बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों के साथ-साथ उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को भी कवर करेगी। योजना का संचालन आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की तर्ज पर किया जाएगा, जिससे लाभार्थियों को देशभर के सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
योजना को पारदर्शी और आसान बनाने के लिए सरकार ने डिजिटल व्यवस्था अपनाई है। इसके लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है, जहां शिक्षक अपना पंजीकरण कर सकेंगे। आवेदन जमा होने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा ऑनलाइन सत्यापन किया जाएगा, इसके बाद आधार आधारित ई-केवाईसी पूरी करने वाले शिक्षक अपना डिजिटल हेल्थ कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे, जिसके माध्यम से उन्हें कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
बेसिक शिक्षा विभाग में तेजी से हो रहा पंजीकरण
बेसिक शिक्षा विभाग के लिए शुरू किए गए पोर्टल पर बड़ी संख्या में शिक्षक अपना पंजीकरण करा चुके हैं। अब संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आवेदन का सत्यापन और अनुमोदन करेंगे। प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र शिक्षकों को योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए भी सुविधा
माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए भी ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था शुरू कर दी गई है। यहां विद्यालय स्तर पर आवेदन की जांच होगी और उसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक अंतिम स्वीकृति देंगे। अनुमोदन मिलने के बाद शिक्षक भी अपना डिजिटल कार्ड प्राप्त कर योजना का लाभ उठा सकेंगे।
देशभर के सूचीबद्ध अस्पतालों में मिलेगा इलाज की सुविधा
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पात्र शिक्षक और उनके आश्रित देशभर में आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अस्पतालों में कैशलेस इलाज करा सकेंगे। महंगे उपचार के दौरान उन्हें अपनी जेब से बड़ी रकम खर्च नहीं करनी पड़ेगी। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज का आर्थिक दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।

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