प्रदेश में अब तक लगभग 91.77 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से करीब 23.99 लाख उपभोक्ताओं के बिजली बिल तैयार कर उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे जा चुके हैं। बाकी उपभोक्ताओं के बिल भी निर्धारित समय सीमा के भीतर जारी करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
उपभोक्ताओं को मिलेगा पैसा वापस
बिजली विभाग के अनुसार स्मार्ट मीटर योजना की शुरुआत में कुछ नए बिजली कनेक्शनों पर उपभोक्ताओं से पहले से निर्धारित दरों के आधार पर शुल्क लिया गया था। बाद में नियामक आयोग ने स्मार्ट मीटर की शुल्क राशि 2,800 रुपये तय कर दी। इसके बाद जिन उपभोक्ताओं से अधिक राशि ली गई थी, उन्हें अब उसका लाभ दिया जा रहा है।
सुक्षा राशि चार किस्तों में जोड़ी जाएगी
बिजली विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर पहले पोस्टपेड से प्रीपेड में बदले गए थे और अब उन्हें फिर से पोस्टपेड व्यवस्था में लाया जा रहा है, उनके बिल में पहले समायोजित की गई सुरक्षा राशि दोबारा जोड़ी जाएगी। हालांकि यह पूरी राशि एक साथ नहीं ली जाएगी, बल्कि चार समान मासिक किस्तों में वसूली जाएगी। इसकी पहली किस्त जुलाई के बिजली बिल में शामिल होगी, जबकि शेष तीन किस्तें अगले तीन महीनों के बिल में जोड़ी जाएंगी।
जुलाई के बिजली बिल में मिलेगा एक और फायदा
जुलाई महीने के बिजली बिल में उपभोक्ताओं को एक और राहत मिलने वाली है। बिजली खरीद लागत और ईंधन समायोजन से जुड़े एफपीपीएएस की दर में 4.43 प्रतिशत की कमी की गई है। इसका सीधा असर बिजली बिल पर पड़ेगा और उपभोक्ताओं का भुगतान पहले की तुलना में कम हो सकता है।
उपभोक्ताओं को मिलेगी पारदर्शी और आसान बिलिंग
स्मार्ट मीटर व्यवस्था लागू होने के बाद बिजली बिलिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। एसएमएस के जरिए समय पर बिल उपलब्ध होने, अतिरिक्त राशि की वापसी और बिजली शुल्क में राहत जैसे कदमों से प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।

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