यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को राहत, सरकार ने दी बड़ी खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए चालू वित्तीय वर्ष में भी बड़ी सब्सिडी देने का फैसला किया है। सरकार का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों पर बिजली बिल का बोझ कम रखना है। इसी वजह से बिजली उत्पादन और आपूर्ति की लागत बढ़ने के बावजूद आम उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

बिजली की लागत बढ़ी, लेकिन उपभोक्ताओं पर नहीं बढ़ा बोझ

विद्युत नियामक आयोग के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष में उपभोक्ताओं तक बिजली पहुंचाने की औसत लागत 7.96 रुपये प्रति यूनिट आंकी गई है। इसके बावजूद सरकार ने सब्सिडी देकर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरें पहले की तरह बनाए रखी हैं। सरकार का कहना है कि बढ़ती लागत का अतिरिक्त भार सीधे जनता पर नहीं डाला जाएगा।

बीपीएल और लाइफलाइन उपभोक्ताओं को राहत

सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले और एक किलोवाट तक के कनेक्शन तथा प्रतिमाह 100 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले लाइफलाइन उपभोक्ताओं के लिए विशेष राहत दी है। बिजली की वास्तविक दर लगभग 6.75 रुपये प्रति यूनिट होने के बावजूद इन उपभोक्ताओं से केवल 3 रुपये प्रति यूनिट लिया जाएगा। इसके लिए सरकार 3.75 रुपये प्रति यूनिट यानी लगभग 55.55 प्रतिशत की सब्सिडी दे रही है। इस मद में सरकार ने 2,833 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। प्रदेश में ऐसे 1,78,91,784 लाइफलाइन उपभोक्ता हैं, जिन्हें इस फैसले का सीधा लाभ मिलेगा।

अन्य घरेलू उपभोक्ताओं को भी मिलेगी सब्सिडी

सिर्फ बीपीएल परिवार ही नहीं, बल्कि अन्य घरेलू उपभोक्ताओं को भी बिजली बिल में राहत दी गई है। 150 यूनिट तक खपत पर 1.85 रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी। 151 से 300 यूनिट तक खपत पर 1.35 रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी। 300 यूनिट से अधिक खपत पर 85 पैसे प्रति यूनिट की सब्सिडी। इसी कारण शहरी क्षेत्रों में अधिकतम बिजली दर 6.50 रुपये प्रति यूनिट और ग्रामीण क्षेत्रों में 5.50 रुपये प्रति यूनिट तक सीमित रखी गई है।

किसानों के लिए मुफ्त बिजली की सुविधा

राज्य सरकार ने किसानों के लिए सिंचाई हेतु निजी नलकूपों पर मुफ्त बिजली योजना भी जारी रखी है। इसके लिए सरकार ने 12,845 करोड़ रुपये की सब्सिडी मंजूर की है। 16,82,860 किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा। सरकार 835 रुपये प्रति बीएचपी प्रति माह के हिसाब से बिजली कंपनियों को अनुदान देगी। इससे पात्र किसानों को ट्यूबवेल की बिजली का बिल नहीं चुकाना पड़ेगा।

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