यूपी सरकार का तोहफा, किसानों, पशुपालकों और युवाओं के लिए खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में खेती के साथ पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने नंदिनी योजना के तहत किसानों, पशुपालकों और बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ा अवसर उपलब्ध कराया है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक डेयरी व्यवसाय को प्रोत्साहित करना, स्वरोजगार बढ़ाना और किसानों की नियमित आय सुनिश्चित करना है। 

सरकार डेयरी इकाइयों की स्थापना पर कुल परियोजना लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है, जिससे लाभार्थियों पर आर्थिक बोझ काफी कम होगा। इसका लाभ लेने के लिए ऑनलाइन के द्वारा आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 21 जुलाई निर्धारित किया गया हैं।

23.50 लाख रुपये की परियोजना पर मिलेगा 11.80 लाख रुपये का अनुदान

योजना के तहत एक आधुनिक डेयरी यूनिट स्थापित करने की कुल लागत 23.50 लाख रुपये तय की गई है। इसमें सरकार 11.80 लाख रुपये (50 प्रतिशत) तक की सब्सिडी देगी। शेष राशि लाभार्थी अपनी पूंजी या बैंक से ऋण लेकर जुटा सकते हैं। इस आर्थिक सहायता से पशुपालन शुरू करना पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगा।

प्रत्येक यूनिट में होंगी 10 उच्च दुग्ध उत्पादन वाली गायें

नंदिनी योजना के अंतर्गत स्थापित होने वाली प्रत्येक डेयरी इकाई में 10 उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली गायों का पालन किया जाएगा। बेहतर नस्ल की गायों और आधुनिक डेयरी प्रबंधन से दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय में भी निरंतर वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।

21 जुलाई तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान, पशुपालक और बेरोजगार युवा 21 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन नंद बाबा दुग्ध मिशन के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। पात्र आवेदकों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ लॉटरी प्रणाली के जरिए किया जाएगा।

इस जिले को मिला 6 डेयरी इकाइयों का लक्ष्य

इस वर्ष बलरामपुर जिले को योजना के तहत 6 आधुनिक डेयरी इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य दिया गया है। प्रत्येक इकाई के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और दुग्ध उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। सरकार भविष्य में अन्य जिलों में भी इसी तरह डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है।

केवल अनुदान ही नहीं, मिलेगा प्रशिक्षण भी

योजना की खास बात यह है कि लाभार्थियों को सिर्फ वित्तीय सहायता ही नहीं मिलेगी, बल्कि पशुपालन विभाग की ओर से तकनीकी प्रशिक्षण, आधुनिक डेयरी प्रबंधन, पशुओं के स्वास्थ्य संबंधी विशेषज्ञ सलाह और वैज्ञानिक तरीके से डेयरी संचालन का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे नए उद्यमियों को डेयरी व्यवसाय सफलतापूर्वक चलाने में मदद मिलेगी।

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