बार-बार याद दिलाने के बाद भी नहीं भेजी गई जानकारी
नगरीय निकाय निदेशालय की ओर से वित्तीय वर्ष 2025-26 की राजस्व वसूली का विवरण सबसे पहले अप्रैल में मांगा गया था। इसके बाद कई बार अनुस्मारक (रिमाइंडर) जारी किए गए, लेकिन इसके बावजूद 65 नगर पंचायतों ने निर्धारित प्रारूप में अपनी रिपोर्ट जमा नहीं की। शासन ने इस स्थिति को गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
तत्काल रिपोर्ट भेजने के निर्देश
निदेशालय ने सभी संबंधित अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले हुई कर एवं गैर-कर राजस्व वसूली का पूरा विवरण बिना किसी देरी के उपलब्ध कराया जाए। अधिकारियों से कहा गया है कि निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट तैयार कर ई-मेल के माध्यम से निदेशालय को तत्काल भेजी जाए।
संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर होगी कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल रिपोर्ट भेजना ही पर्याप्त नहीं होगा। जिन अधिकारियों ने समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है, उनसे कारण बताओ नोटिस के माध्यम से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों को भी दिए गए निर्देश
पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भेजे गए हैं। शासन चाहता है कि नगर निकायों में राजस्व वसूली से जुड़े सभी आंकड़े समय पर उपलब्ध हों, ताकि विकास योजनाओं और वित्तीय प्रबंधन की सही समीक्षा की जा सके।

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