CM सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला, नर्सों के लिए 1 नई खुशखबरी

पटना। बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने नर्सों की पदस्थापना, अस्पतालों की कार्यप्रणाली, रेफरल व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।

नर्सों को मिल सकती है बड़ी राहत

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्सिंग कर्मियों की पोस्टिंग के दौरान उनकी सुविधाओं और कार्यक्षमता का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां संभव हो, नर्सों की तैनाती उनके गृह जिलों या आसपास के क्षेत्रों में करने पर विचार किया जाए। इससे कर्मचारियों को पारिवारिक और सामाजिक स्तर पर सहूलियत मिलेगी, वहीं कार्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता भी बढ़ेगी।

अनावश्यक रेफरल पर सरकार सख्त

मुख्यमंत्री ने अस्पतालों से मरीजों को बिना उचित कारण उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों और उनके परिजनों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को रोकने के लिए सरकार स्पष्ट नीति बनाएगी और 15 अगस्त से अनुमंडलीय एवं जिला अस्पतालों से मेडिकल कॉलेजों या बड़े अस्पतालों में अनावश्यक रेफरल पर नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था लागू की जाएगी।

स्वास्थ्य ढांचे को मिलेगा और विस्तार

समीक्षा बैठक में नए मेडिकल कॉलेजों के संचालन और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत नई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर काम करने का निर्देश दिया। उनका मानना है कि इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

आधुनिक जांच सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने राज्य के अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने पैथोलॉजी सेवाओं, एमआरआई, मैमोग्राफी तथा एनेस्थीसिया जैसी सुविधाओं को अधिक से अधिक अस्पतालों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही ट्रामा सेंटरों को मजबूत बनाने और हड्डी रोग तथा न्यूरो संबंधी बीमारियों के उपचार की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

अस्पतालों की होगी नियमित निगरानी

स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी सरकारी अस्पतालों का समय-समय पर, विशेषकर रात्रिकालीन निरीक्षण करें। इससे अस्पतालों की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

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