50 सड़कों को किया गया चिह्नित
राज्य कैबिनेट के निर्णय के बाद पथ निर्माण विभाग ने राज्य उच्च पथ और प्रमुख पुलों पर टोल वसूली की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। शुरुआती चरण में करीब 50 सड़कों की पहचान की गई है, जबकि अन्य मार्गों का सर्वेक्षण अभी जारी है। सर्वे पूरा होने के बाद जरूरत के अनुसार और मार्गों को भी इस व्यवस्था में शामिल किया जा सकता है।
सड़क की चौड़ाई से तय होगी टोल दर
नई नीति के अनुसार, टोल की दरें सभी सड़कों पर एक जैसी नहीं होंगी। सड़क जितनी चौड़ी होगी, उसके निर्माण और रखरखाव की लागत को ध्यान में रखते हुए उसी अनुपात में टोल निर्धारित किया जाएगा। 5.5 मीटर से कम चौड़ाई वाली सड़कों पर किसी भी प्रकार का टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा, जिससे ग्रामीण और कम चौड़ाई वाले मार्गों पर चलने वाले लोगों को राहत मिलेगी।
शहर के भीतर की सड़कें रहेंगी टोल मुक्त
सरकार ने स्पष्ट किया है कि शहर की सीमा के भीतर आने वाली राज्य सड़कों पर टोल नहीं लगाया जाएगा। इसी वजह से पटना सहित अन्य शहरों के अंदर स्थित कई प्रमुख मार्ग इस व्यवस्था से बाहर रहेंगे। मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड (MDR) श्रेणी की सड़कों को भी टोल वसूली के दायरे में शामिल नहीं किया गया है।
इन प्रमुख परियोजनाओं पर देना होगा टोल
पटना क्षेत्र में जेपी गंगा पथ और कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन पुल को टोल वसूली वाली परियोजनाओं में शामिल किया गया है। चूंकि ये आधुनिक और अधिक चौड़ाई वाले मार्ग हैं, इसलिए इन पर अन्य सड़कों की तुलना में अधिक टोल लग सकता है। वहीं पाटलिपथ और अटल पथ को फिलहाल टोल मुक्त रखा गया है। इसके अलावा पटना-बख्तियारपुर पुराने एनएच-30 को भी भविष्य में टोल व्यवस्था में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।
सड़कों के लेन बढ़ने के साथ बढ़ेगा टोल टैक्स
नई व्यवस्था में सड़क की लेन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। छह लेन वाले हाईवे पर टोल की दर सबसे अधिक होगी, जबकि कम लेन वाली सड़कों पर यह राशि अपेक्षाकृत कम रहेगी। कई मामलों में कम चौड़ाई वाली सड़कों पर टोल दर छह लेन मार्गों की तुलना में काफी कम हो सकती है।
बिहार में खनन क्षेत्र के वाहनों पर अलग नियम
खनन क्षेत्रों से गुजरने वाले भारी वाहनों के लिए अलग व्यवस्था रखी गई है। ऐसे वाहनों पर सड़क की चौड़ाई के आधार पर मिलने वाली राहत लागू नहीं होगी। उनसे निर्धारित नियमों के अनुसार प्रति किलोमीटर के हिसाब से टोल वसूला जाएगा, क्योंकि इन वाहनों से सड़कों पर अधिक दबाव पड़ता है।

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