पौष्टिक भोजन और बेहतर देखभाल पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन दिव्यांगजनों का जीवन पूरी तरह संस्थागत देखभाल पर निर्भर है, उनके लिए गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बढ़ी हुई अनुदान राशि का उद्देश्य इन संस्थानों में रहने वाले लोगों को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराना है।
हर जिले में लगेंगे सहायक उपकरण वितरण शिविर
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में नियमित रूप से सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि पात्र दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र सहित अन्य आवश्यक उपकरण समय पर उपलब्ध कराए जाएं ताकि उन्हें दैनिक जीवन में सुविधा मिल सके।
श्रवण बाधित बच्चों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान
बैठक में श्रवण बाधित बच्चों की पहचान और उपचार प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कॉक्लियर इंप्लांट कराने वाले बच्चों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे वे सामान्य जीवन की ओर तेजी से आगे बढ़ सकें।
विशेष विद्यालयों में बेहतर शिक्षा की तैयारी
सरकार ने दिव्यांग बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेष विद्यालयों में समयबद्ध तरीके से शिक्षकों की नियुक्ति पर भी बल दिया है। उद्देश्य यह है कि दिव्यांग विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर प्रशिक्षण और विकास के अवसर मिल सकें।
अन्य कल्याणकारी योजनाएं भी जारी
राज्य सरकार दिव्यांगजनों के लिए कई अन्य योजनाएं भी संचालित कर रही है। इनमें मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल का निःशुल्क वितरण, विवाह प्रोत्साहन सहायता, स्वरोजगार के लिए दुकान संचालन योजना तथा राज्य परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

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